(खुसर-फुसर)– भोपाल के एक पार्षद महोदय जो अपने गुरु की तरह हमेशा हंसते हुए लोगो से मिलते हैं लेकिन उसी तरह दिल के काले भी हैं ने राजनीति में आगे बढ़ने का नया फार्मूला आज के समय के हिसाब से अपने एक चेले के मुंह से सुना और उन्हे वह जंच गया,पार्षद महोदय ने तुरंत उस पर अमल शुरू कर दिया और आज-कल वे रात में फुटपाथ किनारे ठंडी बीयर से अपना गला तर करते देखे जा सकते हैं.आपको बता दें की पार्षद महोदय को यह लगने लगा था की अब उनकी राजनीतिक यात्रा ठहर गयी है और आगे बढ़ने का यह मंत्र उनके गले उतर गया.गौर मतलब यह है की ये महाशय उस परिवार से ताल्लुक रखते है जहां लहसुन-प्याज भी वर्जित है और नशा कोई सोच भी नहीं सकता लेकिन परिवार के इस पूत ने पैसा तो बहुत कमाया लेकिन नशे की गिरफ्त में आ गये,ईश्वर इन्हे सद्बुद्धि दें या हो सकता है ये अपनी राजनीतिक यात्रा इसी तरीके से आगे बढाने में सफल हों.
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