नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। उद्यमियों के पेटेंट, ट्रेडमार्क तथा डिजाइन की सुरक्षा बरकरार रखने के प्रयास स्वरूप भारत सरकार ने स्टार्ट-अप्स इंट्लेक्चुअल प्रॉपर्टी प्रॉटेक्शन (एसआईपीपी) योजना अतिरिक्त तीन साल (मार्च 2020) के लिए बढ़ा दी है।
औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने एक सर्कुलर के माध्यम से घोषणा की, “योजना 31 मार्च, 2017 तक के लिए थी, लेकिन उसे अतिरिक्त तीन वर्षो के लिए बढ़ा दिया गया है।”
डीआईपीपी ने कहा, “एसआईपीपी योजना का उद्देश्य स्टार्ट-अप्स के बीच बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे अपनाने पर जोर देना है। यह योजना स्टार्ट-अप्स के बीच नवाचार एवं उभरती प्रौद्योगिकी का विकास करेगा और उच्च गुणवत्ता की आईपी सेवाएं एवं संसाधन प्रदान कर उनकी सुरक्षा व वाणिज्यीकरण में मददगार साबित होगा।”
सर्कुलर के मुताबिक, इस योजना के तहत आने वाले स्टार्ट-अप्स को इंटर-मिनिस्टर सर्टिफिकेशन बोर्ड से योग्य व्यापार का ए-सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होगी।
डीआईपीपी ने कहा, “स्टार्ट-अप्स को हालांकि एक घोषणापत्र देना होगा कि उन्होंने अपने आईपी आवेदन को भरने या उसे आगे बढ़ाने के लिए फैसिलिटेटर/पेटेंट एजेंट/ट्रेडमार्क एजेंट को भुगतान करने के उद्देश्य से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत कोई कोष नहीं लिया है।”
उल्लेखनीय है कि साल 2016 में सरकार ने स्टार्ट-अप इंडिया एक्शन प्लान के तहत कर लाभ सहित कई तरह के प्रोत्साहनों की घोषणा की थी।
डीआईपीपी ने स्टार्ट-अप्स को आईपीआर से संबंधित सेवा प्रदान करने के लिए कई फैसिलिटेटर को अपने पैनल में शामिल किया है, क्योंकि सरकार ने पेटेंट, ट्रेडमार्क या डिजाइन पर होने वाले सारे खर्च को स्वयं वहन करने का फैसला किया है।
dharmpath.com dharmpath