मंगलवार को बीजापुर जिला मुख्यालय बंद रहा और बुधवार को सुकमा जिले में व्यापारियों ने जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च करते हुए अपना समूचा कारोबार बंद रखा।
अग्रि के राष्ट्रीय संयोजक आनंद मोहन मिश्रा एवं सर्वधर्म समाज के अध्यक्ष रमेश जैन, सचिव मनीष मूलचंदानी ने कहा, “नक्सलवाद के खिलाफ हम जनता को विश्वास में लेकर केंद्र व राज्य सरकार को यह जनादेश देना चाहते हैं कि हमारी सेना और पुलिस बल को स्वतंत्रता दी जाए। बात-बात में माओवाद पोषित संस्थाओं द्वारा अड़ंगे लगाए जाते हैं, हम उसे खारिज करते हैं। हम आह्वान करते हैं कि बस्तर के विषय में कोई भी निर्णय दिल्ली या रायपुर की बजाए बस्तर में ही लिए जाएं।”
जवानों की हत्या के विरोध में बंद का व्यापक असर रहा, दुकानें सुबह से बंद रहीं। छोटी गुमटियां और चाय की दुकान तक नहीं खुले। केवल इक्का-दुक्का मेडिकल स्टोर्स ही खुले हुए थे। इससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के कारण आस-पास के गांवों से दैनिक जरूरत की चीजें खरीदने पहुंचने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक दिन पहले से ही लाउड स्पीकर पर दुकानें बंद रखने की अपील की जा रही थी।
सुबह से ही शहर के सभी प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में वीरानी छाई रही। मेन रोड, पैलेस रोड संजय बाजार के आसपास की सभी दुकानें बंद रहीं। बंद से जरूरी सेवाओं को दूर रखा गया था। ऐसे में मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप व अन्य संस्थानें खुली रहीं। शैक्षणिक संस्थाओं एवं शासकीय अद्र्घशासकीय दफ्तरों में सामान्य दिनों कि तरह कामकाज हुआ, अलबत्ता उपस्थिति क्षीण रही। सिनेमा घर एवं पेट्रोल पम्पों के दरवाजों पर ताला लटका रहा। होटल, पान, ठेले एवं चाय कि गुमटियां पूर्णत: बंद रहीं।
नक्सलियों के खिलाफ आम अवाम की यह एक बुलंद आवाज मानी जा रही है। दरअसल सिद्धांतविहीन हो चुके नक्सलियों की मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं का दंश समूचे बस्तरवासियों ने भोगा और महसूस किया है। परिणामस्वरूप सभी समाज प्रमुखों, वकीलों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों, राजनीतिज्ञों ने नक्सलवाद के अस्तित्व को नकारते हुए यह संकेत दिया है कि वे बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे के साथ-साथ शांति और विकास के पक्षधर हैं।
बस्तरवासी चाहता है कि बस्तर के पहुंचविहीन इलाकों में निवासरत अंतिम व्यक्ति तक सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे। आज नक्सलियों की खुली खिलाफत से सरकार और पुलिस का मनोबल भी बढ़ा है।
dharmpath.com dharmpath