दिल्ली निगम चुनाव में भाजपा की हैट्रिक, आप व कांग्रेस को झटका (राउंडअप)

मोहम्मद असीम खान

मोहम्मद असीम खान

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। मोदी लहर पर सवार व सत्ता विरोध लहर को हराते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बुधवार को दिल्ली नगर निगम चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए राजधानी के तीनों नगर निगमों पर अपना कब्जा लगातार तीसरी बार बरकरार रखने में सफल रही, वहीं हार से मायूस आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर हार का ठीकरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के सिर फोड़ा।

भाजपा ने 270 वार्डो में से 181 पर जीत दर्ज की और तीनों नगर निगमों-उत्तरी, दक्षिणी तथा पूर्वी पर काबिज होने के लिए आधी से अधिक सीटों से कहीं आगे निकल गई। भाजपा ने उत्तरी नगर निगम में 103 में से 64, दक्षिण नगर निगम की 104 में से 70 तथा पूर्व नगर निगम की 63 में से 47 वार्डो में जीत दर्ज की।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) मात्र 48 वार्डो में जीत हासिल कर पाई, जबकि कांग्रेस को मात्र 30 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने तीन, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने एक तथा समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक सीट पर जीत दर्ज की।

जीत से गदगद भाजपा ने चुनावों में लगतार हो रही विजय का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। प्रधानमंत्री ने पार्टी में विश्वास जताने के लिए दिल्लीवासियों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने ट्वीट किया, “मैं दिल्ली भाजपा के कड़े परिश्रम की प्रशंसा करता हूं, जिसकी बदौलत एमसीडी चुनाव में प्रचंड जीत हुई है।”

वहीं, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा तथा मणिपुर में पार्टी की जीत के बाद दिल्ली में जीत ने ‘मोदी तथा भाजपा के रथ’ को आगे बढ़ाया है।

पार्टी के ‘आप से ना हो गा’ अभियान को चलाने वाले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जीत का श्रेय मोदी तथा विकास की उनकी नीतियों को दिया।

तिवारी ने केजरीवाल का इस्तीफा मांगते हुए कहा, “दिल्ली के लोगों ने आप के खिलाफ मतदान कर राइट टू रिकॉल का काम पूरा कर दिया है।”

नगर निगम चुनाव में बदतर प्रदर्शन केजरीवाल के लिए झटका है, क्योंकि निगम चुनाव को उनके दो साल के शासन का जनादेश माना जा रहा है। केजरीवाल ने भाजपा को बधाई देते हुए कहा कि वह दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए ‘एमसीडी के साथ मिलकर काम करने की कामना करते हैं।’

हार से सन्न आप ने आरोप लगाया है कि भगवा पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम से छेड़छाड़ की गई।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “ईवीएम से बिना छेड़छाड़ इस तरह की प्रचंड जीत संभव नहीं है।”

उन्होंने कहा कि यह अविश्वसनीय है कि भाजपा निगम की सत्ता पर लगातार तीसरी बार काबिज होने में सफल रही, जबकि उसने बीते 10 वर्षो में दिल्ली के लिए कुछ भी नहीं किया।

चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में आने वाली सीटों पर पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए वह नैतिक आधार पर इस्तीफा दे रही हैं।

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, वहीं पार्टी की दिग्गज नेता व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने हार का ठीकरा स्थानीय नेताओं के सिर फोड़ा।

साल 2013 तक दिल्ली में 15 वर्षो तक सत्ता में रही कांग्रेस दिल्ली में अपनी खोई जमीन तलाशने की जुगत में थी, लेकिन साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में उसे एक सीट भी नहीं मिल पाई, वहीं साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भी वह एक भी सीट नहीं जीत पाई।

एमसीडी चुनाव में प्रचंड जीत ने भाजपा के साल 2019 लोकसभा चुनाव के लिए हौसले को बुलंद कर दिया है।

गौरतलब है कि एमसीडी के 272 में 270 वार्डो में रविवार को मतदान हुआ था। दो उम्मीदवारों के निधन की वजह से दो वार्डो में चुनाव स्थगित कर दिए गए थे।

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