नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि पिछले सप्ताह मेट्रो स्टेशन से गुम हुई मूक-बधिर महिला की तलाश का दायरा बढ़ाते हुए उसे पड़ोसी राज्यों में भी ढूंढा जाएगा।
न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघवी तथा न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की एक पीठ ने मीडिया की उन खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया, जिसके मुताबिक महिला जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर अपनी मां तथा बहन के साथ नहीं उतर सकी थी और बाद में सीसीटीवी फुटेज में उसे आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन से बाहर आते हुए देखा गया।
न्यायालय ने पुलिस से कहा कि वह इस बात की जांच करे कि कहीं महिला को अगवा तो नहीं किया गया।
पुलिस की ओर पेश वकील राहुल मेहरा ने कहा कि महिला अशक्त है और उसके अगवा होने की आशंका है।
पुलिस ने कहा कि वह रेड लाइट इलाकों तथा अन्य जगहों पर उसे तलाश करेगी। महिला का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
मेहरा ने कहा कि गुम महिला की तस्वीर सोशल मीडिया साइट पर अपलोड की जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारी योजना उनकी तस्वीरों को सभी ऑटो रिक्शा पर चस्पा करने की है।”
पुलिस ने यह भी कहा कि वह महिला की तलाश का दायरा उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा राजस्थान तक बढ़ाएगी।
पीठ ने बिना टोकन लिए महिला को मेट्रो स्टेशन से बाहर जाने की मंजूरी देने के लिए मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा प्रदान करने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तथा दिल्ली मेट्रो की खिंचाई की।
न्यायालय ने कहा, “उन्हें रोकना चाहिए था। रिपोर्ट से ऐसा लगता है कि बिना टोकन के सुरक्षा दरवाजों से बाहर निकलने के लिए वह जोर-आजमाइश कर रही थी। कोई भी व्यक्ति, जिसके पास टोकन नहीं है, वह बिना टोकन के दरवाजे से बाहर कैसे निकल सकता है?”
पीठ ने कहा, “क्या वे सतर्क हुए हैं कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं घटे। यह महत्वपूर्ण मसला है, उन्हें सतर्क रहना चाहिए था।”
न्यायालय मामले की अगली सुनवाई 11 मई को करेगा।
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