नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिसंबर 2012 में घटी सामूहिक दुष्कर्म की घटना के सभी चार दोषियों की फांसी की सजा शुक्रवार को बरकरार रखी।
मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को एक 23 वर्षीय पैरामेडिकल की छात्रा के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म करने और बेरहमी के साथ उसकी पिटाई करने के आरोपों में दोषी ठहराया गया है। घटना के कुछ दिनों बाद छात्रा की मौत हो गई थी।
इसके पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी चारों का दोष और उनकी मौत की सजा को बरकरार रखा था।
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