रांची, 13 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2019 के आम चुनावों से पहले झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के गुट को फिर से जोड़ने में जुट गई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने शनिवार को यह जानकारी दी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने गिरीडीह में पत्रकारों से कहा, “पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी के संपर्क में हैं। हमारी पार्टी इन कोशिशों में जुटी हुई है कि या तो मरांडी के साथ गठबंधन कर 2019 का आम चुनाव लड़ा जाए या मरांडी को भाजपा में ही शामिल कर लिया जाए।”
उन्होंने कहा कि अगर मरांडी भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो उन्हें बड़ा पद दिया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मरांडी को पार्टी में बड़ा पद दिया जाएगा या केंद्र सरकार में।
मरांडी ने 2006 में भाजपा से अलग होकर जेवीएम-पी का गठन कर लिया था।
भाजपा इससे पहले भी मरांडी को पार्टी में वापस लाने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन सफल नहीं हो सकी थी।
दूसरी ओर मरांडी ने भाजपा के खिलाफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-युनाइटेड के साथ गठबंधन कर लिया था।
मरांडी की वापसी की भाजपा की कोशिशों को रघुबर दास की राज्य सरकार से नाराज चल रहे जनजातीय समुदाय को मनाने के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि भाजपा के नेतृत्व वाली रघुबर दास की सरकार द्वारा राज्य में छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम में किए गए संशोधनों को लेकर राज्य का जनजातीय समुदाय नाराज चल रहा है।
पिछले साल नवंबर में विपक्ष के विरोध के बीच बिना चर्चा कराए विधानसभा में दोनों संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए गए थे।
इन दोनों संशोधन अधिनियमों के तहत राज्य में कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग को इजाजत दे दी गई है, जिसका इस्तेमाल सरकार उद्योग-धंधे स्थापित करने के लिए कृषि भूमि का आवंटन में कर सकती है।
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