नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को दी गई विकास की जिम्मेदारी पूरी कराने के सिलसिले में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूडी ने शनिवार को उप्र के ओद्यौगिक विकास मंत्री सतीश महाना से मुलाकात की।
दोनों मंत्रियों ने उत्तर प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया कि कैसे कौशल गतिविधियों को बढ़ावा देकर राज्य में औद्यौगिक योजनाओं में तेजी लाई जा सकती है।
महाना ने बताया कि राज्य ने क्षेत्र में तीन आद्यौगिक समूहों को सूचीबद्ध किया है, ये ओद्यौगिक समूह नोएडा, आगरा और कानपुर में हैं, जो उत्तर प्रदेश में ओद्यौगिकीकरण में तेजी ला सकते हैं।
उन्होंने कहा, “हमारे पास तैयार कार्यबल होना बहुत जरूरी है, जिनके पास अत्याधुनिक कौशल और तकनीकी ज्ञान हो, ताकि हमारी नवगठित सरकार के मिशन को अंजाम दिया जा सके।”
वहीं, रूडी ने कहा, “हमने स्किल इंडिया के तहत ऐसे कई पाठ्यक्रम पेश किए हैं, जो उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुसार राष्ट्रीय कौशल गुणवत्ता ढांचे (नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) के अनुसार संरेखित हैं। हम प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना के मद्देनजर नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में संपूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।”
उन्होंने कहा, “हमारी यह पहल बेहतर नौकरियों की तलाश में यूपी से युवाओं के अप्रवास की समस्या को भी हल करेगी, साथ ही राज्य में ओद्यौगिक विकास को प्रोत्साहित करेगी।”
रूडी ने कहा, “योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य के विकास में तेजी आई है, इसके लिए वह उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई देना चाहेंगे। हमें विश्वास है कि केंद्र एवं राज्य आपसी सहयोग से यूपी को विकास की दिशा में अग्रसर करेंगे और नए भारत के निर्माण में योगदान देंगे।”
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) अपनी शाखा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से राज्य में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए यूपी के निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करता रहा है। अल्पकालिक कौशल विकास पाठ्यक्रमों के तहत, अब तक राज्य में 3.65 लाख विद्यार्थियों को कौशल प्रदान किया जा चुका है, जिसमें से 50 फीसदी को नौकरी भी मिल गई है।
बैठक में यूपी स्किल डेवलपमेंट मिशन टीम (यूपीएसडीएम) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया, जिन्हें केंद्र के साथ मिलकर केंद्रीय योजनाओं के अनुसार काम करने के लिए कहा गया, ताकि परियोजना के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा सके।
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