कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर में सरकारी विद्युत वितरण कंपनी के कम से कम आठ कंप्यूटर को हैक कर लिया गया। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
विशेषज्ञ इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि कहीं इस साइबर हमले में उन्हीं लोगों का तो हाथ नहीं, जो दुनिया के सबसे बड़े रैनसमवेयर हमले से जुड़े हैं।
कम से कम दो जगहों पर नकदी का हिसाब-किताब रखने वाले कमप्यूटरों को कथित तौर पर हैक किया गया।
वसूली केंद्रों के कर्मचारियों के मुताबिक, प्रभावित कंप्यूटरों पर फाइलों को अनलॉक करने के लिए 300 डॉलर की मांग वाले संदेश फ्लैश हो रहे हैं।
पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजेश पांडे ने आईएएनएस से कहा, “हमारे नेटवर्क में मौजूद 4,000-5,000 कंप्यूटरों में से हमें लगभग 8-10 कंप्यूटरों के बारे में सूचना मिली है।”
राजेश पांडे ने कहा कि यह ‘स्थानीय मुद्दा’ है और प्रभावित कंप्यूटरों को ठीक कर लिया गया है।
उन्होंने कहा, “हमारे कंप्यूटरों को हैक किया गया है, इसलिए हम यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ये रैनसमवेयर के मामले से संबंधित तो नहीं हैं, हालांकि वे स्थानीय कंप्यूटर हैं और ये किसी वितरण सेवा या विद्युत सेवा या किसी उपभोक्ता डेटाबेस को प्रभावित नहीं कर रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि भारत सहित लगभग 100 देशों में व्यापक स्तर पर डाटा हैक कर फिरौती के लिए साइबर हमले के अगले दिन शनिवार से लोगों को परेशानी में डालने वाली खबरें आनी शुरू हो गई हैं। साइबर हमले में ब्रिटेन के अस्पतालों से लेकर आंध्र प्रदेश के पुलिस थानों तक के आंकड़े हैक किए गए, जिसने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं।
ज्यादातर हमले माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज एक्सपी, विंडोज आठ ऑपरेटिंग सिस्टम वाले कंप्यूटरों के खिलाफ हुए, जिन्हें कंपनी ने अपडेट देना बंद कर दिया था। इन हमलों को ‘वानाक्रिप्ट’ नामक मैलवेयर से अंजाम दिया गया।
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