पटना, 16 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिवार की कथित बेनामी संपत्ति के मामले में 22 ठिकानों पर आयकर (आईटी) विभाग की छापेमारी को राजद ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत लालू प्रसाद के राजनीतिक भविष्य को समाप्त करने की साजिश बताया है। राजद ने इसे बदले की कार्रवाई कहा है।
राजद के उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लालू प्रसाद को राजनीतिक रूप से समाप्त करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को भाजपा के खिलाफ एकजुट करने के प्रयास में है, इस कारण भाजपा बेचैन है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राजद इस छापेमारी से डरने वाली नहीं है, मिलकर मुकाबला किया जाएगा।
उन्होंने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा कि भाजपा के सुशील कुमार मोदी (सुमो) ने लालू प्रसाद और उनके परिवार पर जैसे बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। राजद ने भी सुमो और उनके परिवार पर बेनामी संपत्ति अर्जित करने का दावा किया था। ऐसे में आयकर द्वारा मोदी के ठिकानों पर छापेमरी क्यों नहीं की गई?
इस बीच राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह पटना स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर लालू प्रसाद से मिलने पहुंचे हैं।
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग ने मंगलवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ कथित बेनामी संपत्ति मामले में दिल्ली और गुरुग्राम में 22 स्थानों पर छापेमारी की है।
गौरतलब है कि पिछले 40 दिनों से भाजपा के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी लालू प्रसाद के परिवार वालों पर बेनामी संपत्ति अर्जित करने को लेकर लगातार नए खुलासे करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सोमवार को कहा था कि अगर भाजपा नेताओं के पास लालू प्रसाद की बेनामी संपत्ति को लेकर कोई तथ्य है तो कानूनी कारवाई की जानी चाहिए।
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