पणजी, 18 मई (आईएएनएस)। गोवा पर्यटन उद्योग के हितधारकों ने गुरुवार को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री अनिल दवे के निधन पर शोक जताया।
दवे ने मई की शुरुआत में तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) में संशोधन के फैसले से गोवा के समुद्र तट पर झोपड़ियों का संचलान करने वालों को राहत मिली थी।
यहां जारी किए गए एक बयान में ट्रेवेल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (टीटीएजी)के अध्यक्ष साविओ मेसियस ने दवे के निधन को ‘असामयिक’ बताया।
मेसियस ने बयान में कहा कि सप्ताहांत में दवे गोवा के दौरे पर आने वाले थे, जिसमें उन्हें सीआरजेड संशोधन के लिए सम्मानित किया जाना था।
मेसियस ने कहा, “टीटीएजी पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री अनिल दवे के निधन पर दुख व्यक्त करता है, वे गोवा के मुद्दों पर बहुत संवेदनशील थे और उन्होंने बहुत सारे अच्छे फैसले लिए।”
दवे के सीआरजेड में संशोधन के फैसले से पहले के कानून के मुताबिक झोपड़ियों को हटाने की बजाय समुद्र तट पर झोपड़ी चलाने वाले को अपने झोपड़ियों को बरकरार रखने की इजाजत मिली। इससे उन्हें वार्षिक असुविधा और पैसे की बचत करने में मदद मिली।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी दवे के निधन पर शोक व्यक्त किया।
पर्रिकर ने ट्विटर पर कहा, “अनिल दवे के असामयिक निधन से स्तब्ध और दुखी हूं। भारत ने एक बेहतरीन नेता खो दिया जो हमारे पर्यावरण के लिए चिंतित था।”
दवे (61) मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनका राष्ट्रीय राजधानी में उनके आधिकारिक निवास पर आज (गुरुवार) निधन हो गया।
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