लखनऊ , 22 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में पूर्वाचल के दिग्गज साहित्यकार और वरिष्ठ समाजवादी चिंतक डॉ. राजकमल राय की प्रतिमा का अनावरण उप्र के राज्यपाल राम नाईक एक जून को करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा एवं उप्र के कई दिग्गज मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
प्रख्यात साहित्यकार राजकमल राय के पुत्र एवं शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के कुलपति निशीथ राय ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि एक जून को मउ जिले के मझवारा गांव में राज्यपाल उनके पिता राजकमल राय और माता दिवंगत राजकुमारी राय की प्रतिमा की स्थापना और अनावरण करेंगे।
राय ने बताया कि इस कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक के अतिरिक्त केंद्रीय रेल राज्य एवं दूर संचार मंत्री मनोज सिन्हा, उप्र की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, उप्र वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, मंत्री उपेंद्र तिवारी, मंत्री महेंद्र सिंह व स्थानीय सांसद हरिनारायण राजभर भी मौजूद रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि साहित्यकार राजकमल राय का जन्म एक जून, 1934 में मउ जिले के मझवारा गांव में हुआ था। डॉ. राय इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के आचार्य भी रहे। वह भाषा एवं साहित्य की अत्यंत प्रतिष्ठित संस्था हिंदुस्तानी अकादमी के अध्यक्ष भी रहे। उनकी पुस्तक अ™ोय : सृजन एवं संघर्ष, हिंदी कविता की उध्र्व यात्रा, शिखर से सागर तक (अ™ोय की जीवन यात्रा) काफी चर्चित रही।
राय ने ‘स्मृतियों का शुक्ल पक्ष’ एवं ‘एक अंतहीन तलाश’ जैसी पुस्तकें भी लिखी थीं। डॉ. राय कहते थे कि जिस लोकतांत्रिक समाजवादी चेतना के राजनीतिक वाहक डॉ. राम मनोहर लोहिया थे, उसी के सर्जनात्मक वाहक अ™ोय भी थे।
जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया एवं आचार्य नरेंद्र देव के संपर्क की वजह से डॉ. राजकमल राय ने समाजवादी आंदोलना में प्रखर भूमिका निभाई और कई बार जेल भी गए।
डॉ. राजकमल राय का देहांत 12 अप्रैल, 2005 को हुआ था।
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