पटना, 22 मई (आईएएनएस)। जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने 27 अगस्त को लालू प्रसाद की प्रस्तावित रैली पर तंज कसते हुए कहा कि यह रैली ‘देश बचाओ’ नहीं, बल्कि ‘परिवार बचाओ’ व ‘धन खपाओ’ रैली है।
राजद के पूर्व बाहुबली सांसद ने पटना में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “लालू प्रसाद देश में भ्रष्टाचार को अलग तरह से परिभाषित करना चाह रहे हैं। उनके हिसाब से ‘उसने लूटा तो हमने लूटा’ की परिपाटी शुरू की गई है, जो जनतंत्र के लिए खतरनाक है। अकूत बेनामी संपत्ति की जांच के बदले वे बड़ा चोर-छोटा चोर, बड़ा बेईमान-छोटा बेईमान का चलन शुरू कर बचने की कोशिश कर रहे हैं।”
सांसद ने लालू प्रसाद पर अपने परिवार को बचाने का अरोप लगाते हुए कहा कि जब शहाबुद्दीन पर आरोप लगा, तब उनके पेट में दर्द नहीं हुआ। लालू प्रसाद ने खुद ही अपनी पार्टी के पूर्व सांसद अली अशरफ फातमी पर 10 करोड़ में बिकने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि जब राजद सांसद तस्लीमुद्दीन पर आरोप लगे, तब भी वे मौन रहे, लेकिन अब जब लालू परिवार पर बेनामी संपत्ति के आरोप लगे हैं, तो हाय तौबा क्यों?
यादव ने सवालिया लहजे में कहा कि लालू प्रसाद केंद्रीय एंजेसी की जांच पर सवाल उठाते हैं, मगर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही राज्य की विजिलेंस से जांच क्यों नहीं कराना चाहते हैं?
सांसद ने सुशील मोदी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि सिर्फ लालू प्रसाद को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है, आखिर भाजपा के लोगों की अकूत संपत्ति की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए? बिहार में भाजपा नेताओं के पास भी अकूत संपत्ति है।
उन्होंने नीतीश कुमार से बेनामी संपत्ति रखने वाले सभी सांसद, विधायक, अधिकारी की संपत्ति की जांच कराने की मांग की।
dharmpath.com dharmpath