रतलाम, 23 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से कथित तौर पर धर्मातरण के लिए नागपुर ले जाए जा रहे 60 आदिवासी बच्चों को रतलाम जिले की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मुक्त करा लिया और इस संबंध में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
रतलाम जीआरपी के पुलिस उपाधीक्षक ध्रुवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया, “कुछ लोग 60 बच्चों, जिनमें 28 लड़के और 32 लड़कियां थी, को झाबुआ से मेघनगर के रास्ते रेलगाड़ी से रतलाम लाए थे। रविवार रात जीआरपी को कुछ आशंका हुई तो बच्चों से पूछताछ करने पर मामला संदिग्ध लगा।”
चौहान के मुताबिक, “इन बच्चों को पिकनिक के बहाने धर्मातरण के मकसद से नागपुर ले जाया जा रहा था, जहां ईसाई समुदाय का कोई बड़ा कार्यक्रम था। बच्चों से पूछताछ और उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सोमवार को नौ लोगों के खिलाफ धारा 363/34 (बच्चों को बहला फुसलाकर ले जाना) और मप्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।”
चौहान ने कहा, “मंगलवार को आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। इन बच्चों को रतलाम से बस से इंदौर और फिर इंदौर से नागपुर ले जाने की योजना थी। इस काम में थांदला के अमिया पाल व रतलाम की अलकेश की अहम भूमिका थी।”
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