अगरतला, 23 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महिला सदस्यों की संख्या रिकॉर्ड 28 फीसदी हो गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 12 फीसदी है।
त्रिपुरा माकपा के राज्य सचिव बिजन धर ने सोमवार शाम संवाददाताओं से कहा, “त्रिपुरा में माकपा के कुल 94,259 सदस्यों में से 27.77 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं। राष्ट्रीय अनुपात की तुलना में राज्य में पार्टी की महिला सदस्यों की प्रतिशतता हमेशा अधिक रही है।”
उन्होंने कहा, “जनवरी-मार्च में पार्टी की सदस्यता के सालाना नवीनीकरण के बाद महिला सदस्यों की संख्या पिछले साल की तुलना में 2.93 फीसदी बढ़ गई। पार्टी के 612 सदस्यों के मारे जाने के बावजूद, इस साल पार्टी के सदस्यों की संख्या बढ़कर 94,259 हो गई।”
माकपा नेता ने कहा कि इसके अलावा, विभिन्न आधार पर पार्टी के 154 सदस्यों को निष्कासित किया गया, जबकि 4,551 सदस्यों ने विभिन्न कारणों से अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया।
माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य धर ने यह भी कहा कि बीते दो महीनों के दौरान अन्य राजनीतिक दलों के 3,986 लोगों ने माकपा की सदस्यता ग्रहण की।
उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों व कुशासन का पर्दाफाश करने के लिए माकपा बीते एक महीने के दौरान पूरे राज्य में 107 जगहों पर जनसभाओं का आयोजन कर चुकी है और अगले एक महीने में 1,000 और ‘जत्था’ (सार्वजनिक जनसभा) करेगी।”
राष्ट्रीय स्तर पर माकपा के 1,065,406 सदस्य हैं, जिनमें 12 फीसदी महिलाएं हैं।
पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी तथा पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात की मौजूदगी में यहां माकपा ने 20-21 मई को त्रिपुरा राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक की।
बैठक में त्रिपुरा में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव पर चर्चा की गई।
त्रिपुरा देश के उन दो राज्यों में से एक है, जहां माकपा के नेतृत्व वाली वाम मोर्चे की सरकार है। राज्य में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होंगे।
नई दिल्ली रवाना होने से पहले येचुरी ने कहा कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण अहमियत रखता है और यह भाजपा की केंद्र की सत्ता से विदाई की शुरुआत होगी।
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