भोपाल, 23 मई (आईएएनएस)। दिल्ली मेट्रो कर्पोरेशन के मुख्य सुरक्षा आयुक्त मुकुल उपाध्याय ने कहा है कि यातायात प्रबंधन के लिए देष केा नए कानून जरूरत है।
पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में यहां ‘सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन’ विषयक सेमिनार में हिस्सा लेने आए उपाध्याय ने मंगलवार को कहा कि सड़क शहर की धमनी होती है, इसे क्लियर रखना बहुत जरूरी है। रोड जाम होने से शहर थम जाता है। वाहन चालक को दूसरे लोगों को अज्ञान समझकर गाड़ी चलाना चाहिए। वाहन चालक को स्वयं सावधानीपूर्वक वाहन का उपयोग करना चाहिए, इससे सड़क दुर्घटना में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि सिंगापुर में अगर घर में पार्किं ग की जगह नहीं है तो वाहन खरीदने की परमीशन नहीं मिलती। यातायात प्रबंधन के लिए नया कानून लाना होगा और इसके दायरे में पैदल चलने वाले व्यक्ति, रिक्शा-चालक आदि को भी लाना होगा।
उपाध्याय ने आगे कहा कि वाहन का चेक-अप समय-समय पर करवाना अति-आवश्यक है। कई बार गाड़ी की सर्विसिंग नहीं करवाना भी दुर्घटना का कारण बनता है। वाहनों की संख्या पर नियंत्रण भी आवश्यक है।
बताया गया कि जल्द ही नया एक्ट आने वाला है। इसमें चार साल के बच्चों और महिलाओं को भी हेलमेट अनिवार्य किया गया है। एक्ट में कड़े प्रावधान किए जाएंगे। ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने, स्टॉप-लाइन के बाहर जाने आदि पर भी चालान होगा। नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड किया जाएगा।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ़ शैली लुकोस ने सड़क दुर्घटना की जांच करते समय पुलिस को क्या-क्या करना चाहिए, के बारे में बताया। उन्होंने दुर्घटना जांच के स्तर के विभिन्न घटक की जानकारी दी। सबूत के तौर पर टायर मार्क्स, फिंगर प्रिंट्स आदि पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के समय 72 प्रतिशत प्रकरण में भारी वाहन के चालक की गलती मानी जाती है।
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