बीजिंग, 24 मई (आईएएनएस)। चीन ने बुधवार को कहा कि उसके पास भारतीय वायुसेना के लापता सुखोई लड़ाकू विमान के बारे में कोई सूचना नहीं है और उसने भारत के एक दिन पहले लापता हुए इस विमान की तलाशी को लेकर सीमावर्ती इलाके में शांति भंग नहीं करने की चेतावनी दी।
बीजिंग, 24 मई (आईएएनएस)। चीन ने बुधवार को कहा कि उसके पास भारतीय वायुसेना के लापता सुखोई लड़ाकू विमान के बारे में कोई सूचना नहीं है और उसने भारत के एक दिन पहले लापता हुए इस विमान की तलाशी को लेकर सीमावर्ती इलाके में शांति भंग नहीं करने की चेतावनी दी।
भारतीय विमान के लापता होने व चीन के इसकी तलाशी के लिए आगे आकर सहयोग करने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, “जैसा कि आप ने स्थिति बताई है, इस बारे में मेरे पास कोई प्रासंगिक जानकारी नहीं है।”
लू ने रूखे अंदाज में कहा, “सबसे पहले चीन-भारत सीमा के पूर्वी भाग पर हमारी स्थिति दृढ़ व स्पष्ट है। हम दक्षिणी तिब्बत में हालात पर नजर रख रहे हैं। हमें उम्मीद है कि भारत दोनों देशों के बीच बनी व्यवस्था पर कायम रहेगा और सीमावर्ती इलाके में शांति व स्थिरता भंग करने से बचेगा।”
भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का सुखोई-30 लड़ाकू विमान भारत-चीन सीमा के पास असम में मंगलवार सुबह लापता हो गया। इस विमान में दो पॉयलट सवार थे। विमान का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है।
चीन की टिप्पणियां जाहिर तौर पर भारत को रास नहीं आएंगीं, क्योंकि भारत का चीन का दशकों पुराना विवाद है।
चीन पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से को दक्षिणी तिब्बत बताता है।
सुखोई ने आईएएफ के तेजपुर अड्डे से उड़ान भरी और यह अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा से 172 किमी दूरी पर था। विमान अपने नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि विमान ने 9.30 बजे तेजपुर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी, लेकिन चीन से लगे सीमावर्ती इलाके में अरुणाचल प्रदेश के डोलसांग इलाके में विमान का राडार व रेडियो संपर्क टूट गया। यह तेजपुर से 60 किमी उत्तर में है।
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