सुवा/नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। भारत ने गुरुवार को अक्षय ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि वह ऊर्जा के उन सभी तरीकों का विस्तार करेगा, जिससे कार्बन फुटप्रिंट में कटौती होती हो।
सुवा/नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। भारत ने गुरुवार को अक्षय ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि वह ऊर्जा के उन सभी तरीकों का विस्तार करेगा, जिससे कार्बन फुटप्रिंट में कटौती होती हो।
विदेश राज्यमंत्री वी. के. सिंह ने फिजी के सुवा में हो रहे ‘इंडिया-पैसिफिक आईलैंड्स ससटेनेबल डेवलपमेंट कांफ्रेस’ में यह बातें कही।
उन्होंने कहा, “भारत अक्षय ऊर्जा को लेकर उतना ही प्रतिबद्ध है, जितना प्रशांत द्वीपसमूह के दूसरे देश हैं।”
उन्होंने कहा, “हम बहुत तेजी से अक्षय ऊर्जा का विस्तार कर रहे है। सौर, पवन, जल, बॉयोमास आदि सभी प्रकार की ऊर्जा जो कार्बन फुटप्रिंट में कटौती करती है और हमारी धरती को अगली पीढ़ी के लिए बेहतर जगह बनाने में मदद करती है उस पर अभूतपूर्व तरीके से ध्यान दिया जा रहा है।”
इस सम्मेलन का आयोजन ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) के साथ फोरम फोर इंडिया पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (फिपिक) मिलकर कर रही है।
पहला फिपिक सम्मेलन साल 2014 के नवंबर में सुवा में हुआ था जिसमें देशों के प्रमुखों ने भाग लिया था। उसके बाद दूसरा सम्मेलन साल 2015 के अगस्त में जयपुर में हुआ था।
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