मुंबई, 29 मई (आईएएनएस)। मुंबई में वर्ष 1993 में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के मामले में माफिया डॉन अबु सलेम व छह अन्य के खिलाफ एक विशेष अदालत अपना फैसला 16 जून को सुनाएगी। यह घोषणा सोमवार को की गई।
फैसले की तारीख को लेकर चल रही सुनवाई के लिए सातों आरोपी विशेष टाडा अदालत के न्यायाधीश जी.ए. सनप के समक्ष पेश हुए।
मामले में अबु सलेम को 2005 में पुर्तगाल से प्र्त्यपण के जरिए लाया गया था। इसके अलावा दूसरे आरोपियों में मुस्तफा दोसा, मोहम्मद ताहिर मर्चेट उर्फ ताहिर टकला, अब्दुल कयूम, करीमुल्लाह खान व रियाज सिद्दीकी शामिल हैं।
अबु सलेम को 1995 में भवन निर्माता प्रदीप जैन की हत्या के मामले में 2005 में आजीवन कैद की सजा सुनाई गई है। सलेम मौजूदा समय में रायगढ़ के तलोजा सेंट्रल जेल में बंद है।
इससे पहले इसी मामले में विशेष अदालत ने 100 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसमें याकूब अब्दुल रजाक मेनन भी शामिल था जिसे 30 जुलाई, 2015 को फांसी दे दी गई। साथ ही बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को आतंकवाद के आरोपों से मुक्त कर दिया गया और सशस्त्र अधिनियम के तहत पूरी सजा काटने के बाद फरवरी 2016 में जेल से रिहा कर दिया गया।
साल 1993 में 12 मार्च को मुंबई में श्रृखंलाबद्ध 13 बम धमाके मुंबई शहर व उपनगरों में हुए। इसमें 257 लोग मारे गए और अन्य 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
इन विस्फोटों की साजिश भगोड़े माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम कस्कर और उनके गुर्गे फरार टाइगर मेनन व दूसरों ने रची थी।
इसके कुछ लक्ष्यित ठिकानों में एयर इंडिया बिल्डिंग, बांबे स्टॉक एक्सचेंज, जावेरी बाजार, तत्कालीन पांच सितारा होटलों, होटल सीरॉक, होटल जुहू सेंटोर व दूसरे शमिल थे। इसमें 27 करोड़ रुपये की सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था।
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