गौरतलब है कि केरल में कांग्रेस की युवा शाखा के कुछ सदस्यों पर पशुओं की खरीद-फरोख्त संबंधी केंद्र सरकार के नए नियमों के प्रति विरोध जताने के लिए बीफ पार्टी करने और गौवंश काटने का आरोप है। कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की है और इससे जुड़े लोगों को पार्टी से बाहर कर दिया है।
अजीत जोगी ने सोमवार शाम यहां सागौन बंगला में पत्रकार वार्ता में कहा, “कांग्रेस ने इस तरह का सार्वजनिक प्रदर्शन कर देश के बड़े वर्ग के मन को ठेस पहुंचाया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। पूरी तरह से ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाया जाना चाहिए। किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।”
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि गौ हत्या से संबंधित नियमों के निर्धारण में संघीय व्यवस्था के प्रावधानों का और इससे जुड़े लोगों की आजीविका का ध्यान रखें। इससे पूरे देश में गौवंश की हत्या को रोकने में सभी वर्गो व समुदायों का सहयोग मिल सकेगा।
जोगी ने छत्तीसगढ़ सरकार के आउटसोर्सिग नीति का विरोध करते हुए कहा, “राज्य सरकार यहां के बेरोजगार युवकों के साथ घोर अन्याय कर रही है। सरकार कहती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान के शिक्षक नहीं मिलते, जबकि हमने विधानसभा में लाखों बेरोजगार लोगों का बायोडाटा उपलब्ध कराया था। वहीं यह सुझाव भी दिया था कि छत्तीसगढ़ में जो विद्यार्थी इंजीनियरिंग करके बेरोजगार घूम रहे हैं, उन्हें शिक्षक पद पर पदस्थ किया जा सकता है। ये लोग कम से कम 12वीं तक या फिर कॉलेज में भी अंग्रेजी, गणित, विज्ञान अच्छे से पढ़ा सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “सरकार कह रही है कि छत्तीसगढ़ के पहाड़ी अंचलों सहित मैदानी क्षेत्रों में भी उक्त विषयों के शिक्षकों की भर्ती बाहर से करेगी। यह गलत है। हम अपनी पार्टी के संकल्प को फिर से दोहराते हैं। हम अपने शासनकाल में स्थानीय बेरोजगारों को ही स्थान देंगे।”
जोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री का कार्यकाल दिशाहीन है। प्रधानमंत्री अपने सभी चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह असफल हुए हैं। केंद्रीय नेता देश के सभी राज्यों में जाकर उपलब्धियों का जिक्र कर रहे हैं, लेकिन वास्तविकता इससे परे है। देश की आंतरिक सुरक्षा विशेषकर छत्तीसगढ़ में माओवाद और कश्मीर में उत्पन्न स्थिति बड़े ही विकराल रूप में सामने आ रही है। इससे निपटने के लिए कोई नीति सरकार के पास नहीं है।”
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