मुंबई, 30 मई (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने का राज्यों की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक अप्रत्याशित प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें 35,000-40,000 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.2-0.3 फीसदी है।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की रपट ‘इंडिया-स्टेट्स फाइनेंसेज : द अदर हाफ ऑफ द स्टोरी’ के मुताबिक, “प्रारंभिक गणना के मुताबिक, राज्यों को कुल 35,000-40,000 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.2-0.3 फीसदी है।”
रपट के मुताबिक, “इससे राज्यों के राजकोषीय घाटे का अतिरिक्त दबाव कम हो जाएगा। अगर राज्य अपना राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य (2.7 फीसदी) तथा केंद्र सरकार अपने जीडीपी के 3.2 फीसदी के लक्ष्य का पालन करती है, तो 2017-18 का संयुक्त घाटा साल 2007-08 से लेकर अब तक छह फीसदी (या इससे भी कम) हो सकता है।”
रपट में कहा गया है कि साल 2017 के मध्य में जीएसटी के लागू होने से सभी राज्यों को ज्यादा से ज्यादा राजस्व का लाभ होना चाहिए और केंद्र सरकार ने पांच साल तक किसी भी प्रकार के राजस्व के नुकसान की भरपाई करने के लिए सहमति जताई है।
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