नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने विपक्ष और आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा है कि वह मोदी सरकार के विभाजनकारी एजेंडे का एक उदाहरण बताकर दिखा दे।
नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने विपक्ष और आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा है कि वह मोदी सरकार के विभाजनकारी एजेंडे का एक उदाहरण बताकर दिखा दे।
उन्होंने तथाकथित हिंदूवादी तत्वों और गौरक्षकों की गतिविधियों को भी भाजपा से दूर रखा।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल सामाजिक तनाव बढ़ा रहे हैं, लेकिन गौरक्षकों और धर्म के नाम पर हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानून सख्ती से लागू किया गया है।
भाजपा और सरकार के विभाजनकारी एजेंडे के बारे मे पूछने पर नायडू ने आईएएनएस के साथ साक्षात्कार में कहा, “मुझे पिछले तीन साल में सरकार का एक उदाहण बता दो, जब पार्टी ने विभाजनकारी कदम उठाया हो। आप लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। आप अपने राजनीतिक हितों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब कर रहे हैं।”
नायडू ने कहा, “हमारी पार्टी नीति के तहत काम करती है। मैं आपसे यही सवाल करता हूं, इस तरह की चीजें पहले भी हुई हैं तो इस पर अब चर्चा क्यों कर रहे हैं। यह तब गलत थी और अब भी गलत है। कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है।”
नायडू ने गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर कहा, “गौरक्षा जरूरी है, लेकिन मानवरक्षा उससे भी अधिक जरूरी है। कानून का पालन किया जाना चाहिए और कानूनी एजेंसियों को कदम उठाने चाहिए।”
वेंकैया गौरक्षा के नाम पर हुई हिंसा और लव जिहाद जैसे विवादों पर आरएसएस से जुड़े अराजक तत्वों की गतिविधियों को लेकर सरकार की आलोचना पर जवाब दे रहे थे।
उन्होंने केरल में हुई राजनीतिक हत्या का हवाला देते हुए कहा, “यहां तक कि मेरे लोगों की भी माकपा के कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या की जा रही है। तो क्या इसके लिए मोदी जिम्मेदार हैं? कर्नाटक में कुछ लोग मारे गए, वहां कांग्रेस की सरकार है। वहां सामाजिक समस्याएं आजादी के समय से रही हैं।”
उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति नियंत्रित करने के लिए भरसक कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष ने इस तरह का माहौल बना दिया है कि कुछ भी ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा, “हम अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं। ये विपक्षी दल विभाजनकारी मुद्दे उछालकर सामाजिक तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। आप अफजल गुरु, याकूब मेनन, मकबूल बट के नाम पर जश्न मनाते हैं और आप चाहते हैं कि कोई आपकी निंदा भी नहीं करे।”
नायडू ने आईएएनएस से कहा, “आप भारतीय सेना की निंदा करते हैं और आप चाहते है कि कोई भी सेना की तारीफ नहीं करे। यही समस्या है। सामाजिक समस्याएं तीन तलाक की तरह है, क्या ये मोदी की वजह से है।”
नायडू ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए पार्टी द्वारा तीन तलाक को खत्म करने के सवाल का खंडन करते हुए कहा, “तीन तलाक को लेकर लोग कह रहे हैं कि आप इसमें हस्तक्षेप क्यों नहीं करते। मेरा विचार है कि समाज को आगे आना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सामुदायिक नेताओं को आगे आने और मुस्लिम महिलाओं का शोषण नहीं करने को कहा। कुछ लोग कह रहे हैं कि हिंदू समाज में भी समस्याएं हैं। हिंदू समाज ने भी बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी कुप्रथाओं में सुधार किया है, जबकि सती प्रथा पूरी तरह से बंद कर दी गई है।”
उन्होंने कहा, “उप्र में समाजवादी पार्टी की सरकार के समय भी हिंसा थी, दादरी कांड तो तभी हुआ था ना। तो क्या उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। यह क्या है। भाजपा को बदनाम करने की यह ओछी राजनीति है। मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं कि कुछ लोग हैं जिन्होंने कुछ गैर जिम्मेदाराना बयान दिए हैं और हमने उसकी निंदा की है। कानून को अपना काम करना चाहिए।”
पर्यावरण मंत्रालय के गौहत्या पर प्रतिबंध के फैसले को आरएसएस का फैसला बताने पर हुई आलोचना के बारे में नायडू ने कहा कि आलोचना सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लेकर की जानी चाहिए, न्यायालय ने अपने फैसले में पशुओं की बिक्री के लिए नियम बनाए हैं।
उन्होंने सरकार के तीन साल के प्रदर्शन के बारे में कहा कि देश को अभी विश्वास हो गया है कि देश में एक सक्षम नेता और स्थाई सरकार है।
नायडू ने कहा, “आज देश में आशा की लहर है। लोगों का भरोसा लौटा है कि हां, हम आगे बढ़ सकते हैं। हम सभी को इससे लाभ होगा। हमारा सुनहरा भविष्य है। यही पिछले तीन वर्षो में मोदी सरकार का सबसे बड़ा योगदान है।”
नायडू ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश ने अपनी पहचान बनाई है, जिससे उसे सम्मान मिला है और उसे सुना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी के बीच देश की अर्थव्यवस्था विकास के मार्ग पर अग्रसर है, जबकि चीन की अर्थव्यवस्था में मंदी आई है।
उन्होंने कहा, “भारत सकारात्मक है। यह निवेशकों के लिए पसंदीदाद निवेश स्थल है। इस साल देश में चार लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। हमारा विदेशी पूंजी भंडार सबसे अधिक है और महंगाई दर सबसे नीचे है। कुल मिलाकर, सब नियंत्रण में है।”
उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि देश का मूड मोदी के साथ है।”
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