नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। सरकार ने गुरुवार को कहा कि नोटबंदी के बाद शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत अब तक सिर्फ 5,000 करोड़ रुपये का काला धन ही जमा हुआ है।
यह आंकड़े बताते हैं कि बेहिसाबी आय की घोषणा करने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान को बेहद खराब प्रतिक्रिया मिली है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, “पीएमजीकेवाई के तहत सिर्फ 5,000 करोड़ रुपयों की घोषणा होने के पीछे दो कारण रहे। योजना घोषित होने से पहले ही लोग अपना पैसा खातों में डाल चुके थे।”
उन्होंने बताया, “इसके अलावा, पीएमजीकेवाई के तहत हमने जो कर प्रस्तावित किया था, उससे लोगों को लगा कि उनकी 75 फीसदी राशि तो फंस जाएगी।”
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पीएमजीकेवाई को इसी तरह की दूसरी योजनाओं से प्रतिस्पर्धा मिली।
जेटली ने कहा, “एक साथ दो या तीन योजनाएं इसी तरह की चल रही हैं। जिन लोगों ने अपनी घोषित आय से अधिक धनराशि जमा करवाई है, आयकर विभाग उनसे धनराशि के ब्यौरे का जांच कर रही है। जिन लोगों ने जवाब दिए हैं, उन पर कार्यवाही चल रही है..जिन लोगों ने जवाब नहीं दिए हैं, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।”
जेटली ने यह भी कहा कि हाल ही में लागू किए गए बेनामी लेनदेन अधिनियम का उद्देश्य काले धन पर लगाम लगाना है।
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