रामपुर की घटना एंटी रोमियो स्क्वॉड पर सवाल!

नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के रामपुर में छेड़छाड़ की घटना कितने लोगों को अंदर तक झकझोर गई, यह तो नहीं पता, लेकिन इस बात से तो सभी वाकिफ हैं कि लगभग दर्जनभर युवकों की सरेआम छेड़खानी का शिकार दोनों युवतियां खुद को बचाने के लिए आधा घंटे तक जूझती रहीं और लोग तमाशबीन बने रहे। यह घटना राज्य में महिलाओं की दशा पर सरकार के दावे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एंटी रोमियो स्क्वॉड की सफलता पर सवाल खड़े करती है।

नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के रामपुर में छेड़छाड़ की घटना कितने लोगों को अंदर तक झकझोर गई, यह तो नहीं पता, लेकिन इस बात से तो सभी वाकिफ हैं कि लगभग दर्जनभर युवकों की सरेआम छेड़खानी का शिकार दोनों युवतियां खुद को बचाने के लिए आधा घंटे तक जूझती रहीं और लोग तमाशबीन बने रहे। यह घटना राज्य में महिलाओं की दशा पर सरकार के दावे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एंटी रोमियो स्क्वॉड की सफलता पर सवाल खड़े करती है।

योगी सरकार में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि सभी 14 आरोपियों को पकड़ लिया गया है, राज्य में पिछले 15 वर्षो में स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि लोगों के भीतर कानून का भय नहीं रह गया है।

राज्य में एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर किया गया था, लेकिन रामपुर की घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि ऐसे स्क्वॉड का क्या लाभ, जो जरूरत पड़ने पर मौके पर ही न पहुंच सके? लेकिन जोशी कहती हैं, “घटनाएं बताकर नहीं होतीं। पुलिस है, फिर भी अपराध होते हैं। जरूरी है कि लोगों में कानून का भय हो, ताकि इस तरह की घटनाएं न घटें। जबकि पिछले 15 वर्षो में ऐसा नहीं था।”

उप्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिसे देखते हुए राज्य के सभी जिलों में 22 मार्च को एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया था, लेकिन हालात जस के तस हैं। रामपुर की ही बात करें तो यहां एंटी रोमियो स्क्वॉड में 17 जवान हैं, और अब तक इस जिले से एक भी मनचले की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 22 मार्च से 28 मई तक का लेखाजोखा सार्वजनिक किया है, जिसमें इस अवधि में गोरखपुर जोन के 11 जिलों में मनचलों के खिलाफ 341 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जबिक 816 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। लखनऊ में 11 जिलों में 19 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जबकि 40 के खिलाफ कार्रवाई हुई है। वाराणसी जोन के 10 जिलों में 35 मुकदमे दर्ज हुए हैं, और 40 के खिलाफ कार्रवाई हुई है तो वहीं आगरा जोन में 37 मुकदमे दर्ज हुए हैं और 55 के खिलाफ कार्रवाई हुई है। मेरठ जोन में 11 के खिलाफ मुकदमे दर्ज और 110 के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इलाहाबाद जोन के आठ जिलों में 27 मुकदमे दर्ज हुए हैं और 111 पर कार्रवाई हुई है। बरेली जोन में 32 मुकदमे दर्ज और 43 के खिलाफ कार्रवाई हुई है, तो कानपुर में 36 मुकदमे दर्ज हुए हैं और 49 पर कार्वाई हुई है। लेकिन इस दौरान रामपुर में न ही मनचलों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज हुआ और न ही कार्रवाई की गई। कुल मिलाकर देखा जाए तो पूरे राज्य में 538 मुकदमे दर्ज हुए हैं और 1,264 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

रामपुर की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का दंभ भर रहे हैं। जोशी ने आईएएनएस से कहा, “हम इस घटना की पुरजोर निंदा करते हैं। इस शर्मनाक घटना को अंजाम देने वाले सभी 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले।”

रीता ने राज्य को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के मुख्यमंत्री के दावे के बीच इस घटना के बारे में कहा, “राज्य में पिछले 15 वर्षो में स्थिति बदत्तर हो गई है। राज्य में कोई कानून-व्यवस्था नहीं थी, अपराधियों के भीतर कानून का खौफ खत्म हो गया था तो ऐसी घटनाएं होना लाजिमी है। लेकिन हम यकीन दिलाते हैं कि आगे इस तरह की घटनाओं में कमी आती चली जाएगी।”

लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं का इस मामले में अलग रुख है। आगरा में पिछले कई वर्षो से सामाजिक कार्यो में व्यस्त सुनील कुमार ने आईएएनएस से कहा, “यह घटना राज्य में महिलाओं की स्थिति बयां करती है। सरेआम युवती को परेशान किया जा रहा था, उसे गोद तक में उठा लिया गया। कहां गए प्रशासन के वे बड़े-बड़े दावे कि अब राज्य में महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है। कहां था वह एंटी रोमियो स्क्वॉड, जिसके गठन पर ऐसा कहा गया था कि अब इन मनचलों के दिन लद गए।”

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