नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। वस्त्र निर्यात प्रोत्साहन परिषद ‘टेक्सप्रोसिल’ ने ‘रिबेट ऑफ स्टेट लेवी’ (आरओएसएल) योजना को जीएसटी के अंतर्गत भी जारी रखने की मांग की है।
नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। वस्त्र निर्यात प्रोत्साहन परिषद ‘टेक्सप्रोसिल’ ने ‘रिबेट ऑफ स्टेट लेवी’ (आरओएसएल) योजना को जीएसटी के अंतर्गत भी जारी रखने की मांग की है।
परिषद के अध्यक्ष उज्वल लाहोटी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार द्वारा मेडअप्स क्षेत्र को दी गई मदद जारी रखनी चाहिए क्योंकि इससे निर्यात बढ़ेगा और रोजगार के ज्यादा अवसर निर्मित होंगे।
मेडअप्स क्षेत्र के लिए 2016 के दिसंबर में तीन वर्ष के लिए ‘रिबेट ऑफ स्टेट लेवी’ (आरओएसअल) योजना घोषित हुई थी, लेकिन वह 2017 के मार्च से लागू हुई। इस योजना के तहत स्टेट वैट, पैकजिंग फ्यूल सहित इनपुट्स पर सीएसटीए बिजली जनरेशन पर ड्यूटी, ग्रीड पावर की खरीदी पर चार्ज और ड्यूटी जैसी स्टेट लेवी, जो यार्न से फिनिश्ड मेडअप्स के उत्पादन के चरण में एकत्र हुआ हो, उससे छूट मिलती है।
लाहोटी ने कहा कि जीएसटी शासन के तहत 3 वर्षो के लिए आरओएसअल योजना चालू रखनी चाहिए क्यूंकि अभी बहुत सी स्टेट टैक्स लेवी जीएसटी के तहत सम्मिलित नहीं हुई है।
साल 2016 के जुलाई में अपैरल स्पेशल पैकेज घोषित हुआ था और उसमें गारमेंट क्षेत्र के लिए आरओएसअल योजना घोषित हुई थी। पैकेज घोषित होने के बाद 2016 के जुलाई से 2017 के मार्च के बीच गारमेंट निर्यात बढ़कर 13.47 अरब डॉलर हुआ जो इसके पिछले वर्ष की समान अवधि में 12.37 अरब डॉलर था।
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