पटना/ नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। बंधुआ मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में गांधी की कर्मभूमि चम्पारण से आए हुए आत्मदाह करने वाले शहीदों की पत्नियां पूर्णिमा देवी एवं माया देवी के नेतृत्व में चल रहे सत्याग्रह के दूसरे दिन भी न्याय नहीं मिलने के कारण नई दिल्ली के जंतर मंतर रोड पर आयोजित सत्याग्रह सभा को समर्थन करने के लिए माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात व कामरेड हन्नान मोल्लाह पहुंची। इस मौके पर वृंदा करात ने कहा, “चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में नरेश और सूरज का आत्मदाह का होना बिहार सरकार के लिये शर्मनाक है।”
सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि सरकार के द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज कर 36 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया, वही 6 मजदूरों को जबरन जेल में बंद कर दिया गया है। इससे ज्यादा बर्बरता और क्या हो सकती है। हम और हमारी पार्टी इस घटना की केवल निंदा नहीं करते बल्कि इस प्रकरण पर न्याय के लिये निरंतर संघर्ष करेंगे।
भारत सरकार के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ संजय पासवान ने घोषणा की हम दलों की दहलीज से ऊपर उठकर इस हृदय विदारक घटना की निंदा करते है तथा इस संघर्ष को बिहार में व्यापक स्तर पर ले जाने में सहयोग करेंगे।
स्वराज इंडिया के संस्थापक संयोजक योगेन्द्र यादव ने कहा कि इस घटना का होना, उसके बाद पुलिस व प्रशासन की बर्बरता ने अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाई है। उन्होंने इस प्रकरण पर दु:ख जाहिर किया। यादव ने इस संघर्ष में स्वराज इंडिया तथा जय किसान आंदोलन का पूरा समर्थन होने की बात कही।
प्रख्यात समाजसेविका प्रो. नन्दिनी सुन्दर ने इस संघर्ष में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। इसी के साथ सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सत्याग्रहियों के बीच बैठकर इस सत्याग्रह में अपना समर्थन जाहिर किया है।
इसमें केंद्र सरकार, बिहार सरकार एवं बिरला ग्रुप के द्वारा संचालित चीनी मिल मालिक विमल कुमार नोपानी के जिस नापाक गठजोड़ ने 10 अप्रैल 2017 को नरेश श्रीवास्तव और सूरज बैठा को आत्मदाह करने को मजबूर करने के लिए उसकी सीबीआई जांच कराने की और नौपानी को गिरफ्तार करने की मांग की गई।
इस सत्याग्रह सभा में शुक्रवार को चम्पारण से आए मोतिहारी शुगर मिल लेबर यूनियन के संयुक्त सचिव विनोद सिंह, मजदूर नेता बिपिन बिहारी तिवारी, किसान नेता रामेश्वर गुप्ता, सलीम अंसारी, बसीर अहमद तथा जुझारू नेत्री रिंकू देवी आदि मौजूद थे।
dharmpath.com dharmpath