तिरुवनंतपुरम, 6 जून (आईएएनएस)। कतर में मौजूद केरल के लोगों ने मंगलवार को कहा कि यहां कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है।
कतर से खाड़ी के सात देशों ने सोमवार को अपने कूटनीतिक संबंध तोड़ लिए। इसके बाद यहां लोगों के बीच थोड़ी अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।
दोहा से मीडिया से बात करते हुए केरल के एक सामाजिक कार्यकर्ता सी.वी.एम. वानीमेल ने कहा, ” यहां कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है। सोशल मीडिया चीजों को तोड़मरोड़ रहा है और इससे यहां सुपरमार्केट में अफरा-तफरी मच गई।”
वानीमेल ने कहा, “कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में यह साफ तौर कहा गया कि किसी तरह की अफरातफरी मचाने का कोई कारण नहीं है क्योंकि खाद्य पदार्थ उपलब्ध रहेंगे।”
उन्होंने कहा, “मेरी समझ से हालात को सामान्य करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।”
सऊदी अरब, मिस्र, यमन, बहरीन, लीबिया, संयुक्त अरब अमीरात और मालदीव ने सोमवार को कतर पर मुस्लिम ब्रदरहुड सहित कुछ आतंकवादी समूहों के समर्थन का आरोप लगाते हुए उससे राजनयिक संबंध तोड़ लिया। कतर ने इन आरोपों से इनकार किया है।
वानीमेल ने कहा, “मीडिया को इसे ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे दहशत पैदा होती है।”
सऊदी अरब, बहरीन, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी सीमाएं बंद कर दी हैं और सड़क मार्ग से कतर आने व जाने को रोक दिया है। उनकी एयरलाइन ने कतर के लिए उड़ानों को बंद करने का फैसला किया है।
केरल के स्थानीय निकाय मंत्री के.टी. जलील ने यहां मंगलवार को मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारतीयों को ध्यान में रखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
जलील ने कहा, “जब स्कूल वहां बंद हो जाएंगे और यदि विदेशी एयरलाइन काम नहीं करेंगी, तो वहां समस्या सकती है। एयर इंडिया को ज्यादा उड़ानों का संचालन सुनिश्चित करना चाहिए। गर्मी की भीड़ के दौरान हवाई टिकटों की कीमत पहले ही ज्यादा है, यह और ज्यादा हो सकती है।”
एक अधिकारी ने कहा कि मध्य पूर्व की दूसरी एयरलाइंस अपनी सेवाओं के बंद कर रही हैं। कतर एयरवेज और एयर इंडिया केरल के तीन हवाईअड्डों से आने-जाने की सेवाएं प्रदान कर रही हैं और यदि अतिरिक्त उड़ानें नहीं चलती हैं और कतर के खिलाफ मौजूदा प्रतिबंध नहीं हटाया गया तो स्थिति खराब हो सकती है।
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