संगीत कार्यक्रम सुरक्षित होने चाहिए : लुसी रोज

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी गायिका एरियाना ग्रांडे के मैनचेस्टर में आयोजित संगीत कार्यक्रम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर ब्रिटिश गायिका लुसी रोज का कहना है कि लोगों को संगीत कार्यक्रम में जाते रहना चाहिए, क्योंकि आतंकवादी संगठनों के आगे झुकना इस समस्या का समाधान नहीं है।

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी गायिका एरियाना ग्रांडे के मैनचेस्टर में आयोजित संगीत कार्यक्रम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर ब्रिटिश गायिका लुसी रोज का कहना है कि लोगों को संगीत कार्यक्रम में जाते रहना चाहिए, क्योंकि आतंकवादी संगठनों के आगे झुकना इस समस्या का समाधान नहीं है।

उन्होंने कहा कि संगीत सभी नकारात्मक विचारों से बचने का द्वार खोल सकता है।

रोज ने ईमेल के जरिए आईएएनएस को बताया, “कभी-कभी आपको ऐसा लगता है कि आपको सब छोड़छाड़ कर भाग जाना चााहिए। जैसा चल रहा है, उसमें कभी-कभी दुनिया निर्दयी लग सकती है। मुझे लगता है कि सोशल मीडिया अद्भुत चीज है, जो आपको लोगों से जुड़ने और विचार साझा करने का मौका देती है। लेकिन किसी दिन आपको बुरी खबर सुनने को भी मिल सकती है, जैसे आतंकवादी हमला।”

पिछले हफ्ते भारत दौरे पर आईं रोज ने कहा, “संगीत सभी नकारात्मक चीजों को दूर रख सकता है, आप हेडफोन लगाकर इन सब बातों के बारे में भूल सकते हैं और सबसे पीछा छुड़ा सकते हैं।”

गौरतलब है कि 22 मई को एरियाना ग्रांडे के शो के दौरान सलमान आब्दी नाम के हमलावर ने आत्मघाती हमला कर दिया था, जिसमें 22 लोग मारे गए थे और 116 से ज्यादा घयाल हो गए थे।

रोज ने कहा कि मैनचेस्टर हमला न सिर्फ हैरान करने वाला बल्कि दुखद और दिल तोड़ने वाला भी है।

रोज के मुताबिक, “संगीत कार्यक्रम में जा रहे लोगों के लिए संगीत सुरक्षित जगह होनी चाहिए। यह बस लुत्फ लेने के लिए होना चाहिए। लोगों के दिमाग में इस घटना की बातें नहीं होनी चाहिए। मेरा मानना है कि आपको संगीत कार्यक्रम में जाते रहना चाहिए।”

छोटी उम्र से ही रोज का संगीत के प्रति रुझान हो गया था। स्कूल के आर्केस्ट्रा में वह ड्रम बजाती थीं और इस तरह धीरे-धीरे संगीत जगत का हिस्सा बनने की तरफ कदम बढ़ाने लगीं।

रोज आगे चलकर इंग्लैंड के रॉक बैंड ‘बॉम्बे बाइसिकिल क्लब’ का हिस्सा बनीं। उन्होंने अपने पहले एल्बम ‘लाइक आई यूज्ड टू’ (2012) और ‘वर्क इट आउट’ (2015) से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की।

घूमने-फिरने का शौक रोज को इक्वाडोर, अर्जेटीना ब्राजील और मैक्सिको ले गया, जहां वह अपने प्रशंसकों को बीच रहीं और मुफ्त में उनका मनोरंजन किया। उन्होंने अपने इस अनुभव को एक वृत्तचित्र के रूप में अपने एल्बम ‘समथिंग्स चेंजिंग’ में दर्शाया भी है।

अपने तीसरे एल्बम के प्रचार के सिलसिले में रोज ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू में प्रस्तुतियां दीं।

भारत में अपने अनुभव के बारे में रोज ने कहा, “एक साल पहले मैं पहली बार भारत दौरे पर आई थी और मैं कई चीजों के बारे में जानकारी ले रही हूं..मैं लोगों के नाम याद रखने के मामले में भुलक्कड़ हूं, लेकिन हमने यहां कई अच्छे संगीतकारों को सुना, जिनमें से कुछ के नाम हैं प्रतीक कुहाद, निश्चय पारेख (पारेख और सिंह) और मैड ब्वॉय/मिंक।”

यह पूछे जाने पर कि भारत की कौन सी छवि उनके साथ है, तो उन्होंने कहा, “भारत को इस बार मैं सांस्कृतिक रूप से ज्यादा जानने की कोशिश कर रही हूं। हर शहर अपने आप में अलग है। मुंबई और दिल्ली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।”

गायिका ने कहा कि वह अपने साथ भारत की विविधता ले जा रही हैं, क्योंकि जिन देशों का दौरा अब तक उन्होंने किया है, भारत उनमें से सबसे ज्यादा विविधतापूर्ण देश है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493