नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर मंगलवार को तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसे ‘आपदा’ करार दिया। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के आंकड़े दिखाते हैं कि देश की आर्थिक रफ्तार तेजी से घटी है।
कांग्रेस कार्यकारिणी (सीडब्ल्यूसी) की यहां हुई बैठक में गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह जो खुद अर्थशाी हैं, उनका नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था में गिरावट का अनुमान बिल्कुल सही सिद्ध हुआ है।
गांधी ने यह भी कहा कि सरकार के प्रयोगों और नीतियों की विशेषता खराब योजना और घटिया क्रियान्वयन है।
गांधी ने कहा, “वे हमारे सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने के लिए विनाशकारी रहे हैं। अगर हम केवल नोटबंदी को देखें, जिसे महान सफलता बताया जा रहा है, तो अभी तक सरकार ने प्रचलन में रही कितनी मुद्राएं वापस बैंकों में लौटी, इसका हिसाब नहीं दिया है।”
गांधी ने कहा, “ऐसा तो नहीं है कि भारतीय रिजर्व बैंक नोट गिनना भूल गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वास्तविक आंकड़ों का खुलासा करते ही पता चल जाएगा कि यह योजना कितनी असफल साबित हुई है। हाल में जारी किए गए विकास के आंकड़े यह साबित करते हैं कि मनमोहन सिंह द्वारा लगाया गया अनुमान कि नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटेगी, बिल्कुल सही साबित हुई है।”
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि न सिर्फ नोटबंदी, बल्कि सरकार का ‘मेक इन इंडिया’ अभियान भी असफल साबित हुआ है, क्योंकि सरकार नौकरियों के सृजन या निवेश को आकृष्ट करने में असफल रही है।
उन्होंने कहा, “बेरोजगारी चारो तरफ है, पूरे देश के किसान गंभीर संकट में हैं, जो उन्हें आत्महत्या पर मजबूर कर रहा है। घोषणापत्र में जो 2019 में पूरा करने का वादा किया गया, अब उसे वे 2022 में पूरा करने की बात कर रहे हैं।”
बैठक में आर्थिक स्थिति के बारे में मनमोहन सिंह ने कहा कि सकल मूल्य जोड़ (जीवीए) अर्थव्यवस्था की गतिविधियों का मापने का सच्चा संकेतक है, जिसमें तेजी और लगातार गिरावट देखी जा रही है।
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