नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। बात जब साइबर सुरक्षा की आती है तो भारत में 91 प्रतिशत कारोबारियों का कहना है कि व्यापार और आईटी परिचालन की जटिलता की वजह से उनका संगठन खतरे में है, जो एपीजे (एशिया-प्रशांत और जापान) की औसत 85 फीसदी और वैश्विक औसत 83 फीसदी से काफी अधिक है।
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। बात जब साइबर सुरक्षा की आती है तो भारत में 91 प्रतिशत कारोबारियों का कहना है कि व्यापार और आईटी परिचालन की जटिलता की वजह से उनका संगठन खतरे में है, जो एपीजे (एशिया-प्रशांत और जापान) की औसत 85 फीसदी और वैश्विक औसत 83 फीसदी से काफी अधिक है।
अग्रणी आईटी कंपनी सिट्रिक्स और पॉन्मन इंस्टीट्यूट के एक वैश्विक अध्ययन के अनुसार, 72 प्रतिशत व्यवसायों का कहना है कि नया सुरक्षा ढांचा तैयार करने का वक्त आ गया है।
सिट्रिक्स के भारतीय उपमहाद्वीप के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष और कंट्री हेड पराग अरोड़ा ने कहा, ” पारंपरिक व्यवसाय तेजी से डिजिटल होते जा रहे हैं, इससे उनका कार्यस्थल केवल कार्यालय की दीवारों तक सीमित नहीं रहता। हालांकि इस बदलाव ने आधुनिक कार्यबल को अधिक लचीला और उत्पादक बना दिया है। लेकिन इससे सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ी है।”
अरोड़ा ने कहा, “आधुनिक उद्यमों के लिए, सुरक्षा प्रबंधन और डेटा की सुरक्षा एक अभिन्न व्यापार कार्य है और अब कोई आईटी कार्य नहीं रहा।”
लगभग 60 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कर्मचारी और थर्ड पार्टी सुरक्षा नीतियों और तकनीकों को छोड़ देते हैं क्योंकि वे बहुत जटिल हैं।
भारत में आधे से अधिक उत्तरदाताओं (44 प्रतिशत) ने कहा कि उनकी संस्थाओं में सुरक्षा का पर्याप्त इंतजाम किया गया है।
इस अध्ययन में विश्व स्तर पर 4,200 से अधिक आईटी और आईटी सुरक्षा से जुड़े लोगों की राय ली गई।
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