पेरिस, 8 जून (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और उनकी कनाडा की महिला जोड़ीदार गैब्रिएला डाब्रोव्स्की ने लाल बजरी पर खेले जा रहे साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट-फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब अपने नाम कर लिया है।
बोपन्ना और डाब्रोव्स्की की जोड़ी ने फाइनल में कोलंबिया के रोर्बट फराह और जर्मनी की एना लेना ग्रोनेफील्ड की जोड़ी को मात देते हुए यह खिताब अपने नाम किया।
बोपन्ना और डाब्रोव्स्की की जोड़ी ने फराह और एना की जोड़ी को 2-6, 6-2, (10-12) से मात दी। मैच का फैसला टाई ब्रेकर सेट में निकला। यह मुकाबला 56 मिनट तक चला।
यह बोपन्ना का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। बोपन्ना ग्रैंड स्लैम जीतने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी हैं। उनसे पहले लिएंडर पेस, महेश भूपति और सानिया मिर्जा यह कारनाम कर चुके हैं।
इसके अलावा बोपन्ना फ्रेंच ओपन के मिश्रित युगल का खिताब जीतने वाले चौथे भारतीय हैं। भूपति ने सबसे पहले 1997 में जापान की रिका हिराकी के साथ मिलकर यह कारनामा किया था। उन्होंने दूसरी बार 2012 में यह कारनामा सानिया मिर्जा के साथ किया। पिछले साल पेस ने स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ यह खिताब जीता था।
भारत के नाम अब 20 मिश्रित युगल ग्रैंड स्लैम खिताब हो गए हैं।
डाब्रोव्स्की ने भी गुरुवार को इतिहास रचा। वह ग्रैंड स्लैम जीतने वाली कनाडा की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।
बोपन्ना सात साल बाद किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने 2010 में पाकिस्तान के एहसान अल कुरैशी के साथ मिलकर अमेरिकी ओपन के फाइनल में प्रवेश किया था लेकिन बॉब और माइक ब्रयान की दिग्गज जोड़ी से हार गए थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बोपन्ना के हवाले से लिखा है, “हमने आज अच्छी शुरुआत नहीं की। लेकिन हम लगातार कड़ी मेहनत करते रहे और आखिरकार मैच जीत गए।”
उन्होंने कहा, “दूसरे सेट में हमने थोड़ी राहत की सांस ली इसके बाद हमने अपना खेल खेलना शुरू किया। हम एक टीम की तरह खेलने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि यह फाइनल था।”
डाब्रोव्स्की ने कहा, “यह विशेष है। ऐसा जिसकी आप बचपन से कल्पना करते हो। यह थोड़ा हैरान करने वाला है क्योंकि आप नहीं जानते की यह सफर कहां ले जाए पहले एकल, फिर युगल और आखिरी में मिश्रित युगल।”
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