नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी पर हमले में आरएसएस के शामिल होने के आरोपों को गुरुवार को खारिज किया और हमले के लिए उसे दोषी ठहराने के लिए मार्क्सवादियों की निंदा की।
येचुरी से राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान हिंदुत्व समर्थक संगठन के दो कार्यकर्ताओं ने हाथापाई की थी। माकपा ने इस हमले को ‘विपक्ष को धमकाने और दबाने की आरएसएस की विशिष्ट कार्यप्रणाली’ बताया था।
आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने प्रेस कांफ्रेंस को बाधित करने के अलोकतांत्रिक तत्वों के प्रयास की कड़ी निंदा की और कहा, “यह रिकॉर्ड की बात है कि आरएसएस न तो ऐसे राष्ट्र विरोधी तत्वों का समर्थन करता है और न ही किसी वैध गतिविधि में गैर-लोकतांत्रिक तरीके से बाधा डालने का समर्थन करता है।”
उन्होंने एक बयान में कहा, “साथ ही साथ आरएसएस इस मामले में माकपा द्वारा उसका नाम घसीटे जाने के निर्थक प्रयास की भी निंदा करता है। यह भारत में आरएसएस के सतत और बढ़ते विकास से माकपा के डर और चिंता की तरफ संकेत करता है।”
उन्होंने कहा, “इसके विपरीत आरएसएस कार्यकर्ता केरल में साम्यवादी तरीके के गैर लोकतांत्रिक तरीके से सच्चाई को रौंदने और साम्यवादी गुंडागर्दी और अराजकता का सामना कर रहे हैं।”
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