सिंह ने यह निर्देश प्रदेश के 38 जनपदों में चल रहे जेई/एईएस विशेष टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने नए एक्यूट इंसेफिलाइटिस सिंड्रोम की प्रभावी रोकथाम का निर्देश देते हुए कहा कि ज्वर ग्रसित क्षेत्र की मैपिंग कराई जाए और आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जाए।
उन्होंने मस्तिष्क ज्वर से बचाव के लिए टीकाकरण के साथ जन जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर इंसेफिलाइटिस से बचाव हेतु बच्चों का टीकाकरण कराएं।
स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय सख्त निर्देश दिए हैं कि पीड्रियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) और 104 इंसेफिलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) केंद्रों पर आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण तथा जरूरी दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित रखें।
उन्होंने कहा, “टीकाकरण कार्यक्रम में आशा कार्यकत्रियों की भी सेवाएं/भागीदारी सुनिश्चित की जाए। वे अपने-अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ज्वर की तत्काल रिपोर्टिग करें और पीड़ित को इलाज की सुविधा मुहैया कराने में पूरी मदद करें। इसके लिए पीड़ित को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजें।”
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