अध्ययन दल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एम.के. राउत स्वास्थ्य विभाग के सचिव सुब्रत साहू और स्वास्थ्य आयुक्त आरण्प्रसन्ना शामिल थे। इस दौरान मंत्री श्री चन्द्राकर सहित प्रतिनिधिमंडल ने दी यूनियन संस्थान के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जोस लुईस केस्ट्रो से सद्भावना मुलाकात कर इस संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श किया था।
फ्रांस का दी यूनियन संस्थान लगभग 100 वर्ष पुरानी है, जो मुख्यत: टी.बी. और फेफड़ों की बीमारी की रोकथाम के लिए विश्व के 140 देशों में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ में भी वर्तमान में यह संस्था राज्य के सात जिलों में टीबी नियंत्रण के लिए सहायता प्रदान करती है।
स्वास्थ्य आयुक्त आरण्प्रसन्ना ने बताया, “दी यूनियन संस्था छत्तीसगढ़ में टीबी नियंत्रण के लिए राज्य में तकनीकी सेवाएं, स्टेट टीबी एवं डिमांस्ट्रेशन सेंटर छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण के लिए मानव संसाधन की व्यवस्था के लिए भी सहायता करेगी। दी यूनियन संस्था द्वारा टीबी के क्षेत्र में संयुक्त शोध करने के लिए भी विचार किया गया, जिसमें फेलोशिप और पी.एच.डी. पाठ्यक्रम के लिए प्रदेश के चिकित्सकों को आर्थिक मदद दी जाएगी।”
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