पार्टी नेता डॉ. मसूद अहमद ने शनिवार को कहा, “भाजपा शासन में किसानों की दशा निरंतर दयनीय होती जा रही है। विगत 15 वर्षो से मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों का शोषण किया है। उनकी फसलों का न ही उचित मूल्य मिल पाया और न ही समय पर खाद और बीज आसानी से उपलब्ध हो सका। यही कारण है कि वहां का किसान कर्ज में डूबता चला गया जब किसान अपनी उचित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे तो उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को बर्बरता से कुचलते हुए उन पर गोलियों की बौछार कराने में सरकार ने कोई संकोच नहीं किया।”
रालोद के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “ऐसा लगता है कि किसानों की हत्या का पाप धोने के लिए ही शिवराज उपवास करके ईश्वर को याद करना चाह रहे हैं। उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि अन्नदाता के प्रति अत्याचार की क्षमायाचना ईश्वर के दरवाजे भी स्वीकार नहीं होगी।”
उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में क्षमा मांगना चाहते हैं तो मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे भारत के अन्नदाताओं से क्षमा मांगे और उनकी उचित मांगों को तुरंत पूरा करें।
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