कोलकाता, 11 जून (आईएएनएस)। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के पहाड़ी क्षेत्र में अनिश्चितकालीन हड़ताल की काट करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को अपने सभी कार्यालयों को दार्जिलिंग व कालिम्पोंग में खोले रखने और कर्मचारियों की कार्यस्थल पर मौजूदगी को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया।
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, “गोरखा जनमुक्ति मोर्चा द्वारा 12 जून 2017 से किए गए अनिश्चितकालीन बंद/हड़ताल के आह्वान के मद्देनजर यह फैसला किया गया है कि दार्जिलिंग व कालिम्पोंग में स्थित सभी राज्य सरकार के कार्यालय व राज्य द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त कार्यालय खुले रहेंगे और इन कार्यालयों के सभी कर्मचारी जब तक कि बंद वापस नहीं लिया जाता, हर दिन कार्यालय में ड्यूटी पर आएंगे।”
राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया, “यह भी फैसला किया गया है कि किसी कर्मचारी को बंद के दिनों में कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी।”
जीजेएम अध्यक्ष बिमल गुरुं ग की अध्यक्षता में केंद्रीय समति की बैठक में पार्टी ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार के सामने एक अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की चुनौती के लिए भारी दबाव बनाया है।
जीजेएम की महासचिव रोशन गिरि के अनुसार, केंद्र व राज्य सरकार के सभी कार्यालय सोमवार से हो रही हड़ताल में बंद रहेंगे। इसमें ब्लॉक विकास कार्यालय, उप संभाग कार्यालय, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, बैंक, गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (पहाड़ी विकास संस्थान) शामिल हैं।
हालांकि, स्कूल व कॉलेज, परिवहन व पर्यटन–होटल, भोजनालय, दुकान को बंद से बाहर रखा गया है।
गिरि ने कहा कि राज्य सरकार के राजस्व स्रोत जैसे बिजली, खदान जीजेएम के बंद के दायरे में रहेंगे।
dharmpath.com dharmpath