काठमांडू, 11 जून (आईएएनएस)। नेपाल में मधेस स्थित पार्टियों ने रविवार को घोषणा की कि वे 28 जून को प्रस्तावित स्थानीय चुनावों का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के सभी रास्ते अब बंद हो चुके हैं।
राष्ट्रीय जनता पार्टी-नेपाल के बैनर तले एकजुट मधेस स्थित पार्टियों के गठबंधन ने रविवार को विरोध प्रदर्शन के नए कार्यक्रम घोषित किए, जिसमें आम बंद भी शामिल है। उन्होंने कहा कि वे 28 जून को प्रस्तावित स्थानीय स्तर के चुनाव के दूसरे चरण में हिस्सा नहीं लेंगे, और उन्होंने चुनाव में बाधा डालने के उद्देश्य से 24 जून से राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की घोषणा की।
नेपाल के दक्षिणी क्षेत्र में तराई की राजनीति में दो स्पष्ट धाराएं उभर कर सामने आई हैं।
मधेसी जन अधिकार फोरम, नेपाल के प्रमुख उपेंद्र यादव और मधेस जन अधिकार फोरम के नेता व मौजूदा गठबंधन सरकार में उपप्रधानमंत्री बिजय कुमार गच्छेदार के नेतृत्व वाले एक वर्ग ने चुनाव में हिस्सा लेने का निर्णय लिया है, जबकि तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख महंत ठाकुर के नेतृत्व वाले एक अन्य राजनीतिक गठबंधन ने चुनाव का बहिष्कार किया है।
ठाकुर ने विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा, “यह चुनाव एक अवैध चुनाव होगा।”
ठाकुर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में चुनाव विरोधी प्रदर्शन के नए कार्यक्रम घोषित किए गए, क्योंकि सरकार के साथ किसी सहमति पर पहुंचने की कोशिश नाकाम हो गई।
रविवार सुबह सत्ताधारी पार्टियों -नेपाली कांग्रेस और सीपीएन (माओवादी सेंटर) ने आरजेपी-एन के साथ सिंघ दरबार में एक बैठक की, जो बेनतीजा रही। आरजेपी-एन 2015 के संविधान में संशोधन की मांग कर रही है।
सत्ताधारी गठबंधन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और आरजेपी-एन से आग्रह किया कि वह विरोध प्रदर्शन न करे और चुनावी प्रक्रिया बाधित नहीं करे।
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