होशंगाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है और ऐसा ही एक नया मामले का सामने आया है। होशंगाबाद जिले में एक किसान ने सूदखोर के कर्ज से परेशान होकर बुधवार को जहर खा लिया, जिसके बाद देर रात उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, “बावई थाना क्षेत्र के चपलासर का किसान नर्मदा प्रसाद यादव (50) अपने भाई के साथ बुधवार को मंडी में मूंग बेचने आया था, मगर वह किसी काम से वहां से चला गया। नर्मदा का भाई अशोक जब लौटकर आया तो उसे बड़ा भाई इब्राहिम चौक के पास एक किराने की दुकान के पास बेहोशी की हालत में मिला और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद नर्मदा को अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात मृत घोषित कर दिया गया।”
कोतवाली थाने के प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया, “परिजनों के अनुसार नर्मदा पर किसी सूदखोर का 50 हजार रुपये का कर्ज था। इस कर्ज के लिए सूदखोर उस पर दबाव बना रहा था और रकम के एवज में नर्मदा से ट्रैक्टर अपने नाम कराने का सूदखोर ने लिखवा रखा था। इससे वह परेशान था, संभवत: इसी के चलते उसने जहर खा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राज्य में बीते चार दिनों में यह पांचवें किसान की आत्महत्या है। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के जजना गांव में पांच लाख के कर्जदार दुलीचंद्र और विदिशा जिले के शमशाबाद थाने के जीरापुर के किसान हरि सिंह जाटव ने जहर खाकर सोमवार को और होशंगाबाद के भैरोपुर गांव के किसान माखन लाल ने मंगलवार की सुबह कर्ज से परेशान होकर फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी।
बुधवार को बालाघाट जिला लालबर्रा थाना क्षेत्र के बल्हारपुर गांव के रमेश (40) ने कीटनाशक जहर पीकर आत्महत्या कर ली। लगभग एक एकड़ जमीन के मालिक रमेश पर दो लाख का कर्ज था, जिससे वह परेशान चल रहा था और उसने आत्महत्या कर ली।
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