‘अच्छी कहानी की बदौलत प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं भारतीय एनिमेशन फिल्में’

सैन फ्रांसिस्को, 16 जून (आईएएनएस)। अमेरिका की 3डी कंप्यूटर-एनिमेटेड कॉमेडी फिल्मों ‘फाइंडिंग’ डोरी और ‘कार्स 3’ में अपने तकनीक का हुनर दिखाने वाले अमित बादकर का कहना है कि वैश्विक विषय के साथ सांस्कृतिक बाधाओं को पार करने वाली एक कहानी भारतीय एनीमेशन उद्योग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बना सकती है।

सैन फ्रांसिस्को, 16 जून (आईएएनएस)। अमेरिका की 3डी कंप्यूटर-एनिमेटेड कॉमेडी फिल्मों ‘फाइंडिंग’ डोरी और ‘कार्स 3’ में अपने तकनीक का हुनर दिखाने वाले अमित बादकर का कहना है कि वैश्विक विषय के साथ सांस्कृतिक बाधाओं को पार करने वाली एक कहानी भारतीय एनीमेशन उद्योग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बना सकती है।

कर्नाटर के कारवार शहर के रहने वाले अमित 2010 से पिक्सर एनिमेशन स्टूडियो में इफेक्ट्स टेक्निकल निर्देशक के रूप में काम कर रहे हैं।

अमेरिका के एमरविले स्थित पिक्सर एनिमेशन स्टूडियो से अमित ने आईएएनएस को बताया, “मैं भारतीय एनीमेशन उद्योग से संपर्क में नहीं हूं, लेकिन मैंने बाहूबली जैसी फिल्में देखी हैं। इसमें एनीमेशन नहीं विजुअल इफेक्टस है। मुझे लगता है कि यहां कामकाज के माहौल की जरूरत है (जहां) लोग दूसरों को बेहतर बनाने में मदद कर सकें।”

अमित के अनुसार, “एक मजबूत कहानी इस उद्योग को ऊंची उड़ान भरने के लिए पंख देती है।”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि एनिमेशन में सबसे बड़ी चीजों में से एक कहानी है अगर आपके पास ऐसी कहानी है जो विभिन्न संस्कृतियों और लोगों को प्रभावित कर सके, भले ही उसके एनीमेशन की गुणवत्ता अच्छी न हो लेकिन महान कहानी के जरिए आप बहुत सारे लोगों तक पहुंच सकते हैं।”

फिक्की-केपीएमजी की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय एनिमेशन उद्योग ने 2015 में 13.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ करीब 51.1 अरब का राजस्व एकत्र किया था। 2016 में यह आंकड़ा 16.04 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 59.5 अरब रहा। इसमें यह भी कहा गया है कि स्वदेशी एनिमेटेड फिल्मों सिनेमाघरों तक पहुंचने और उच्च गुणवत्ता की हॉलीवुड एनिमेटेड सामग्री के साथ सीधी प्रतियोगिता के कारण बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती हैं।

भारतीय-अमेरिकी पिक्सर कलाकार संजय पटेल, डिज्नी एनिमेशन टीम में तकनीक निर्देशक श्वेता विश्वनाथन, वॉल्ट डिजनी एनिमेशन स्टूडियो की तकनीक निदेशक अवनीत कौर या फिर खुद अमित भारतीय मूल के कई एनीमेशन कलाकार भारत के बजाए पश्चिम में काम करना पसंद करते हैं।

इसके पीछे के कारण पर अमित कहते हैं, “इसे देश से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है बल्कि यह सर्वश्रेष्ठ अवसर पर निर्भर करता है। मेरे लिए मैं अगर किसी फिल्म में काम करता हूं तो मुझे पता है कि यह फिल्म वैश्विक तौर पर देखी जाएगी और मुझे यह चीज एक कलाकार के तौर पर उत्साहित करती है।”

उन्होंने कहा, “आप अपने काम को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहेंगे और यह चीज उत्साहित करती है। वह यहां आते हैं और काम करते हैं क्यूंकि उनका काम को वैश्विक तौर पर सराहना मिलेगी।”

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