पुणे, 17 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि तेजी से बदलते माहौल में सशस्त्र बलों पर देश का भरोसा बरकरार है।
यहां कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, “तेजी से बदलते माहौल में एक चीज है, जो नहीं बदली है, वह पूरे देश का सेना पर भरोसा है।”
भारतीय सेना के प्रौद्योगिकी तथा रणनीतिक प्रशिक्षण संस्थान से एम.टेक तथा बी.टेक के 71 छात्र पास हुए। कॉलेज की स्थापना सन् 1943 में की गई थी।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना के इंजीनियरों ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परियोजनाओं में अपनी पारंपरिक छाप छोड़ी है, चाहे वह सियाचिन में तेल पाइपलाइन हो या पूर्वोत्तर में प्रतिष्ठित नौसेना अड्डे और एयरफील्ड हों या हिमालयी क्षेत्र की सड़कें हों।
उन्होंने कहा कि युवा टेक्नोक्रेट्स को रक्षा बलों के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम विकास को आत्मसात करना होगा और ‘सशस्त्र बलों का प्रौद्योगिकी मस्तिष्क’ होने के नाते राष्ट्र की निगाहें सुरक्षा बलों द्वारा प्रौद्योगिकी उन्नति के दोहन के तरीके को पारिभाषित तथा आधुनिक करने के लिए उन पर होंगी।
उन्होंने कहा, “वर्दी वाला इंजीनियर होने के नाते आपको एक अच्छा इंजीनियर तथा अच्छे सैनिक की भी भूमिका अदा करनी है। आपको राष्ट्र तथा करोड़ों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के काम को पूरा करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को तकनीकी जानकारी तथा कौशल प्रदान करने का कठिन काम करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप सभी शानदार काम करने वाले अपने पूर्ववर्ती इंजीनियरों के पद चिन्हों पर चलेंगे और उच्च मानदंडों का पालन करेंगे, जिनकी आपसे अपेक्षा की जाती है।”
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