महिला किसान कमला ने बताया कि उसके पति भगत की चार माह पहले मौत हो गई। उसके पति ने खेती सुधार के लिए 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जिसमें से कुछ रुपये उसके पति ने चुका दिया है और कुछ बाकी है। उसके दो बच्चे हैं और खेती ही उनके जीवन का आधार है।
उसने स्पष्ट तौर पर कहा, “अगर जमीन हाथ से निकल जाती है तो मैं अपने दो बच्चों के साथ फांसी लगा लूंगी।”
इसी तरह मावलीपदर के किसान बुदरू को केवल चार हजार रुपये चुकाने हैं, लेकिन उसकी खेती की जमीन में तहसीलदार ने कुर्की का बोर्ड लगवा दिया है और नीलामी की सूचना नोटिस के जरिए दी है।
तहसीलदार शेखर मिश्रा ने बताया कि दरभा तहसील के अलग-अलग गांव के 11 किसानों को कर्ज चुकाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इनमें से चार किसानों की खेती की जमीन कुर्क करने का आदेश दिया गया है। देर-सवेर कुर्की की कार्रवाई तो होगी ही।
dharmpath.com dharmpath