नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने रजिस्ट्रेशन एंड कंपोजिशन स्कीम ऑफ गुड्स एंड सर्विस टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (जीएसटीआईएन) से संबंधित नियमों को अधिसूचित कर दिया, जो 22 जून, 2017 से प्रभावी है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इन नियमों को अधिसूचित करने का मकसद नए करदाताओं के साथ ही उन करदाताओं को पंजीकरण प्रमाण पत्र (जीएसटीआईएन) जारी करने की प्रक्रिया की शुरुआत करना है, जिन्हें पंजीकरण (पीआईडी) के लिए पहले ही अल्पकालिक आईडी जारी किया जा चुका है।
बयान के मुताबिक, “जिन लोगों को पीआईडी जारी किया जा चुका है और जिन्होंने कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुना है, उन्हें 21 जुलाई, 2017 से पहले जीएसटीएन पर एक निर्धारित फॉर्म पर विकल्प की सूचना सौंपनी चाहिए।”
जिनके पास पीआईडी है, वे पंजीकरण प्रमाण पत्र पाने के लिए जीएसटीएन पर जरूरी दस्तावेजों को जमा कर सकते हैं। यह स्पष्ट हो चुका है कि इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन माह का वक्त दिया गया है, जिसका अर्थ है कि औपचारिकताएं 22 सितंबर, 2017 को या उससे पहले पूरी की जा सकती हैं।
बयान में स्पष्ट किया गया है कि अल्पकाल के लिए उन्हें पहले ही आवंटित की जा चुकी पीआईडी का इस्तेमाल कर चालान जारी किया जा सकता है।
बयान के मुताबिक, “ताजा पंजीकरण चाहने वाला व्यक्ति जिस दिन से पंजीकरण के लिए उत्तरदायी हो जाता है, उसके 30 दिनों के भीतर वह पंजीकरण के लिए आवेदन सौंप सकता है। पंजीकरण फॉर्म भरते वक्त वह कंपोजिशन स्कीम के विकल्प का भी चयन कर सकता है।”
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