छग : जीएसटी लागू होने से पहले दुकानों में उमड़ी भीड़

जानकारों के मुताबिक, जीएसटी से प्रदेश के दो बिजनेस सेक्टरों- रियल एस्टेट और बिजली पर बड़ा असर दिखेगा। मकानों की लागत में करीब 12 फीसदी की वृद्धि होगी। वहीं बिजली उत्पादन के लिए सबसे अहम कोयले की कीमतों में गिरावट के संकेत हैं। हालांकि ये गिरावट 5 फीसदी के आस-पास रहेगी।

जानकारों का अनुमान है कि बिल्डिंग मटेरियल पर टैक्स में वृद्धि इसका मुख्य कारण होगा। नव-निर्मित भवन पर भी इनपुट टैक्स 5 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो गया है।

वहीं बिजली उत्पादन के लिए सबसे अहम कोयले की कीमतों में गिरावट के संकेत हैं। खदान से निकलने वाला कोयला 5 फीसदी के दायरे में रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे विद्युत की प्रति युनिट दर में कमी आएगी। विद्युत कंपनियों से नया टैरिफ प्लान मांगा जाएगा। उपभोक्ताओं के बिल में पांच प्रतिशत की कमी आएगी।

टैक्स सलाहकार देवेंद्र अग्रवाल का कहना है कि जीएसटी से प्रदेश में सीमेंट, लोहा, बिजली होने की वजह से उत्पादक राज्यों को नुकसान होगा। सरकार के ही आंकड़े हैं कि प्रदेश को राजस्व हर साल 2200 करोड़ रुपये कम मिलेगा।

छत्तीसगढ़ क्रेडाई के अध्यक्ष शैलेश वर्मा ने कहा कि अब लोगों को बढ़ी हुई कीमत पर संपत्ति खरीदनी होगी। नए संशोधन में 1 करोड़ की जमीन पर 33 प्रतिशत जमीन को बाहर किया गया है, लेकिन बाकी की जमीन पर टैक्स 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

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