नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को लेखिका व सामाजिक कार्यकर्ता अरुं धती रॉय के खिलाफ सभी कानूनी सुनवाई पर रोक लगा दी। अरुं धती बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष एक अंग्रेजी पत्रिका में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर जी.एन. साईबाबा पर एक लेख के लिए अवमानना के एक मामले का सामना कर रही हैं।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर व न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी। न्यायालय को बताया गया कि यह मामला एक वकील द्वारा शुरू किया गया है।
बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने एक वकील की अवमानना याचिका पर अरुं धती रॉय को नोटिस जारी किया था। वकील ने दलील दी थी कि रॉय की रचना न्याय व्यवस्था में दखलंदाजी थी।
रॉय ने अपने लेख में कहा था, “सरकार इस व्हीलचेयर पर पड़े अकादमिक (साईबाबा) व्यक्ति से इतनी डर गई कि महाराष्ट्र पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अपहरण करना पड़ा।”
साईबाबा को महाराष्ट्र पुलिस ने मई 2015 में कथित तौर पर प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से संबद्ध एक संगठन से संबंध रखने को लेकर गिरफ्तार किया गया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने चार अप्रैल, 2016 को साईबाबा को जमानत दे दी थी।
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