हैरदाबाद , 5 जुलाई (आईएएनएस)। हैदराबाद में स्थित एक आवासीय परिसर में सात सशस्त्र संदिग्धों के लिए तेलंगाना पुलिस के आतंकी रोधी दस्ते के कमांडो द्वारा चलाया जा रहा तलाशी अभियान बुधवार सुबह समाप्त हो गया। अभियान पांच घंटे से अधिक समय तक चला। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
हैदराबाद के राजेंद्रनगर में स्थित माइ होम्स हाउसिंग पैलेस में रात से शुरू इस अभियान में आतंक रोधी अभियान संगठन(ऑक्टोपस) के कमांडो सहित 300 से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।
पुलिसकर्मियों ने राजेंद्र नगर स्थित इस इमारत के सभी नौ खंडो में बने 700 से ज्यादा फ्लैटों की तलाशी ली।
एक चौकीदार ने अज्ञात लोगों द्वारा एक शेवरले टावेरा कार की नंबर पट्टी को तोड़ते हुए देखा और उसने शोर मचाया, जिसके बाद वे लोग वहां से भाग गए। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार रात इस इमारत की घेराबंदी कर दी।
पुलिस ने कहा, “इसी वाहन का उपयोग एक गिरोह ने मंगलवार सुबह इसी इलाके में स्थित मुथूट फायनेंस की शाखा को लूटने की कोशिश की कोशिश में की थी।”
हथियारबंद संदिग्धों के इमारत में छुपे होने की आशंका के मद्देनजर साइबराबाद पुलिस ने इमारत को घेर लिया था और तलाशी अभियान के लिए ऑक्टोपस के कमांडो को बुलाया गया था।
हालांकि, यह पता नहीं चल सका है कि पुलिस ने इमारत ने किसी संदिग्ध को पकड़ा या नहीं।
संदिग्ध गिरोह द्वारा उपयोग किए गए वाहन के गुजरात पंजीकृत होने के कारण इसमें गुजरात के किसी गिरोह की संलिप्तता का संदेह है। गिरोह ने वाहन पर तेलंगाना की नकली पंजीकृत पट्टी का उपयोग किया था।
संदिग्ध गिरोह ने मंगलवार सुबह मैलारदेवपल्ली स्थित मुथूट फायनेंस की शाखा के खुलते ही धावा बोल दिया था।
पुलिस ने कहा कि दो संदिग्ध शाखा कर्मी से बातचीत करने में लगे हुए थे, दो अन्य ने ग्राहक के रूप में प्रबंधक के कक्ष प्रवेश किया और पिस्तौलें तना दी और सोने व पैसे की मांग की।
प्रबंधक चिल्लाने लगा और एक महिला कर्मचारी ने आपातकालीन अलार्म बजा दिया, जिसके बाद इमारत के मालिक और अन्य लोग मदद के लिए वहां पहुंच गए। इसके बाद गिरोह के सदस्य धमकी देते हुए वहां से भाग गए। उनके हाथों में चाकू भी थे।
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