कविता ने संघर्षो से पाया मुकाम

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। अमूमन महिलाएं शिक्षा, बैंक, फैशन जैसे क्षेत्रों में नौकरी करके खुद को संतुष्ट मान लेती है लेकिन कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जो जिद करती है और अपनी दुनिया बदल लेती हैं। ऐसी ही एक महिला का नाम है कविता सुगंधा जिन्होंने महज 10 साल में अपनी आमदनी 35,000 प्रतिमाह से लाखों रुपये प्रतिमाह का सफर तय किया।

साल, 2006 तक निजी क्षेत्र के बैंकों में नौकरी करने वाली कविता सुगंधा अब दुबई में रहती हैं और भारत उनके कारोबार का केंद्र बन गया है। बचपन से ही कुछ कर गुजरने की तमन्ना रखने वाली सुगंधा ने खुद को स्थापित करने के लिए हच (अब वोडाफोन), आदित्य बिरला व कोटक महिंद्रा जैसे बैंकों में काम किया।

महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी सुगंधा कोटक महिंद्रा बैंक में 35,000 रुपये प्रतिमाह की नौकरी करती थी लेकिन डायरेक्ट सेलिंग कंपनी क्यूनेट से जुड़ने के बाद सुगंधा को अपने सपने को साकार करने का मौका मिला। आज वह लाखों रुपये महीना कमा रही हैं।

सुगंधा कहती हैं, “महिलाओं के दिमाग में यह डाल दिया जाता है कि वह बहुत महत्वाकांक्षी नहीं हो सकती। उन्हें तो सिर्फ घर संभालना है।”

उन्होंने बताया कि सिर्फ महत्वाकांक्षा रखने से ही मंजिल नहीं मिलती, उसे पाने के लिए कई बाधाओं को पार करना होता है, चुनौतियों से लड़ना पड़ता है। सुगंधा ने अपने साथ काम करने वाले सैकड़ों लोगों को ही अपना परिवार मान लिया है। मंजिल पाने के जुनून में पराए लोग अपने बनते चले गए और अपने परिवार को बढ़ाने की जरूरत ही महसूस नहीं हुई।

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