नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। यमन के उप-प्रधानमंत्री और विदेशी मामलों के मंत्री अब्दुल मलिक अब्दुल जलील अल-मेखलाफी 10 से 13 जुलाई तक भारत का दौरा करेंगे। वह यहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निमंत्रण पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह घोषणा की।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “दोनों देश प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, जैसे संयुक्त राष्ट्र सुधारों और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने पर एक जैसा विचार रखते हैं।”
अल मेखलाफी से पहले यमन के विदेश मंत्री अबु बकर अल-किरबी ने 2012 में इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन फार रीजनल कोआपरेशन (आईओआर-एआरसी) की 12वी मंत्रीस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए भारत का दौरा किया था।
साल 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब देशों द्वारा शिया हौती विद्रोहियों (जिन्होंने राष्ट्रपति अब्द रब्ब मंसूर हादी की सरकार को गिरा दिया था) पर यमन में किए गए हमले के दौरान भारत ने ऑपरेशन राहत चलाकार वहां से 5,500 भारतीय नागरिकों को निकाला था।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “भारत और यमन के बीच काफी करीबी और मित्रतापूर्ण संबंध हैं। यह लोगों के मेलजोल पर आधारित है, जोकि इससे भी जाहिर होता है कि यमनी मूल के करीब 3 लाख लोग भारत में रहते हैं तथा यमन में भारतीय मूल के करीब एक लाख लोग बस गए हैं।”
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