जबलपुर, 7 जुलाई (आईएएनएस)। पेड न्यूज के मामले में तीन साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराए गए मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रकरण की सुनवाई अब उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में नहीं, बल्कि जबलपुर की मुख्य पीठ में होगी।
न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार, उच्च न्यायालय के प्रमुख कुलसचिव (प्रिंसिपल रजिस्ट्रार) के आदेश पर पेड न्यूज के प्रकरण को ग्वालियर खंडपीठ के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल के न्यायालय से जबलपुर मुख्यपीठ को स्थानांतरित किया गया है। प्रकरण स्थानांतरित करने के लिए डॉ. मिश्रा की ओर से आग्रह किया था।
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 23 जून को एक आदेश जारी करके जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पेड न्यूज मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल के लिए अयोग्य ठहराया था, जिसके खिलाफ नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर खंडपीठ में एक याचिका दायर की थी।
ग्वालियर में अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते पांच जुलाई को मिश्रा और प्रतिद्वंद्वी राजेंद्र भारती ने स्वयं अपनी पैरवी की थी। सुनवाई की अगली तारीख 10 जुलाई तय की गई थी।
वहीं दूसरी ओर जबलपुर निवासी सुरेंद्र दुबे की तरफ से एक जनहित याचिका जबलपुर उच्च न्यायालय में दायर की थी, जिस पर सुनवाई 11 जुलाई को तय है। इस मामले में मिश्रा व भारती को नोटिस भी जारी किए गए जा चुके हैं। दुबे ने चुनाव आयोग के फैसले के बावजूद मिश्रा के मंत्री व विधायक रहने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
जनसंपर्क मंत्री मिश्रा की ओर से जसनीत सिंह होरा ने आवेदन देकर प्रकरण को ग्वालियर से जबलपुर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया, जिस पर प्रकरण को स्थानांतरित कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में मिश्रा दतिया से निर्वाचित हुए थे। इस चुनाव में पैसे देकर खबर छपवाने और खर्च का सही ब्यौरा न देने का आरोप लगाते हुए उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे राजेंद्र भारती ने चुनाव आयोग में वर्ष 2009 में शिकायत की थी, जिस पर चुनाव आयोग का 23 जून का फैसला आया। आयोग ने आरोपों को सही पाया और मिश्रा को तीन साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया।
आयोग के फैसले के खिलाफ मंत्री मिश्रा उच्च न्यायालय का रुख किया। 30 जून की सुनवाई में चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने जवाब देने के लिए समय की मांग की, जिसे न्यायाधीश विवेक अग्रवाल ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई पांच जुलाई को तय की थी।
अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सुनवाई में मिश्रा और भारती ने अपना पक्ष रखा, उसके बाद सुनवाई की अगली तारीख 10 जुलाई तय की गई। दूसरी ओर भारती की ओर से केवियट दायर है, जिसमें कहा गया है कि किसी तरह का फैसला लिए जाने से पहले उनका भी पक्ष सुना जाए।
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