बीती 22 जून को हसनगढ़ निवासी मो. शाहिद अपनी पत्नी रहीसा के साथ जब जिला कारागार से अपने तीन लड़कों के साथ बाइक से वापस आ रहे थे तो थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत दोस्तपुर हाईवे पर पुल के पास सैंट्रो कार व मोटर साइकिल सवार बदमाशों ने दंपति की गोलीमार कर हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने मृतकों की पुत्री रेशमा की तहरीर पर सानू ठाकुर व उसकी मां हाशमी, शादाब, वसीम व फईम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने बताया, “थाना कोतवाली देहात द्वारा की गई विवेचना के दौरान घटना में संलिप्त 14 अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए, जिनमें से 11 को थाना कोतवाली देहात पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार रात मामन कलां नहर के पास हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में असलहा व सैंट्रो कार और तीन मोटर साईकिलें बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सानू ठाकुर, शादब, नाजिर, नदीम, फईम, फय्याज, हाशमी, छोटे पुत्र रिजवान, इमरान, शकील और आजाद के रूप में हुई है।”
पूछताछ में पता चला कि सितंबर, 2016 में मृतक शाहिद व उसके बेटों ने सानू ठाकुर के भाई नईम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में शाहिद के तीनों बेटे जेल में है। वहीं शाहिद दो माह पूर्व जमानत पर रिहा हो गया। भाई की हत्या का बदला लेने के लिए उन आरोपियों ने साजिश रची और पति-पत्नी को मार डाला।
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