नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। नीति आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों के बीच प्रतियोगिता के लिए उठाए गए कदमों के बाद कैबिनेट सचिव पी. के. सिन्हा ने सोमवार को कहा कि राज्यों द्वारा भी ऐसी ही पहल चलाई जाए, ताकि विभिन्न जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा हो।
सिन्हा ने मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “नीति आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का परिणाम काफी उपयोगी रहा है। इसे राज्यों द्वारा जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है।”
सम्मेलन में नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि केवल सरकार और प्रशासन में अकेले ‘कुशलता’ लाकर भारत के सबसे ‘बुरे प्रदर्शन’ करने वाले जिलों को सबसे अच्छे जिलों में बदला जा सकता है।
वहीं, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पानगढ़िया ने कहा कि एक मजबूत भारत मजबूत राज्यों से ही बन सकता है जो नौकरियों का सृजन करने तथा लोगों को कृषि से हटाकर गैर कृषि कार्यो में लगाने तथा कृषि की उत्पादकता बढ़ाने से ही हो सकता है।
नीति आयोग के सदस्य बिवेक देवरॉय ने कहा कि राज्यों के 14वें वित्त आयोग के मद्देनजर योजनाओं को युक्तिसंगत बनाने पर काम करना चाहिए।
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